सीआइएमपी और अजौ यूनिर्सिटी में साझेदारी, शैक्षणिक साझेदारी में चलेंगे एक साथ

देश के साथ ही राज्य के अहम संस्थानों में गिने जाने वाले चंद्रगुप्त प्रबंध संस्थान पटना और दक्षिण कोरिया गणराज्य के अजौ विश्वविद्यालय ने संयुक्त उठाया है।

पटना: देश के साथ ही राज्य के अहम संस्थानों में गिने जाने वाले चंद्रगुप्त प्रबंध संस्थान पटना और दक्षिण कोरिया गणराज्य के अजौ विश्वविद्यालय ने संयुक्त पहलों के भविष्य की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक सहयोगात्मक कार्यक्रम और मीटिंग का आयोजन कर अपनी शैक्षणिक साझेदारी में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मीटिंग में दोनों संस्थानों के संकाय सदस्यों ने संयुक्त कार्यक्रमों, अनुसंधान सहयोग समेत कई अन्य अवसरों पर चर्चा की। इनमें एआई, आईसीटी, रोबोटिक्स और डिजिटल परिवर्तन में अजौ की विशेषज्ञता को जलवायु वित्त, ईएसजी, समावेशी विकास और सामाजिक उद्यमिता में सीआइएमपी की क्षमताओं के साथ संयोजित करने के महत्व पर बल दिया गया।

सीआईएमपी के निदेशक डॉ. (प्रो.) राणा सिंह ने कहा कि यह सहयोग कोरिया की उन्नत प्रौद्योगिकी अर्थव्यवस्था और भारत के उभरते बाजार नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के बीच एक अनूठा सेतु है। सीआईएमपी और अजौ मिलकर सतत और समावेशी विकास के लिए एआई और डिजिटल परिवर्तन पर साथ काम करते हुए लाभ उठा सकेंगे। जबकि अजौ विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रशासन विभाग के प्रोफेसर ब्योंग युन चांग ने कहा कि सीआईएमपी के साथ हमारा सहयोग कोरिया के उन्नत प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को भारत के गतिशील विकास संदर्भ से जोड़ने का एक सार्थक अवसर है। एआई, डिजिटल परिवर्तन और स्थिरता में विशेषज्ञता को मिलाकर, हमारा लक्ष्य संयुक्त कार्यक्रम, अनुसंधान पहल और छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रम बनाना है जो वैश्विक सोच वाले नेताओं को पोषित करेंगे। 

सीआइएमपी के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कुमोद कुमार ने कहा कि यह सहयोग वैश्विक विशेषज्ञता को स्थानीय नवाचार से जोड़ने की हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अजौ विश्वविद्यालय के साथ मिलकर काम करके, हम अपने छात्रों और शिक्षकों के लिए संयुक्त अनुसंधान, आदान-प्रदान कार्यक्रमों और व्यावहारिक परियोजनाओं में शामिल होने के अवसर पैदा कर रहे हैं, जो उन्नत प्रौद्योगिकियों को समावेशी विकास से जोड़ते हैं। यह एक सच्चे अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक कदम है, जिससे भारत और कोरिया दोनों को लाभ होगा।

अजौ विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन स्नातकोत्तर विद्यालय के निदेशक प्रोफेसर संग ह्यून ली और सीआईएमपी के आईटी एवं आईएस विभाग के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर कल्याण अग्रवाल ने इस सहयोग की नींव रखने वाले संवाद की शुरुआत की। दक्षिण कोरिया से अजौ विश्वविद्यालय के सलाहकार अमिताभ केशव भी इस मीटिंग में शामिल हुए। प्रोफेसर प्रिया नाथ सीआईएमपी और अजौ विश्वविद्यालय के बीच आगे के सहयोग के समन्वय की भूमिका निभाएंगी।