राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने आश्वासन दिया है कि राज्य के भूमिहीन विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। दो महीने में 20 केंद्रीय विद्यालयों के लिए पांच-पांच एकड़ भूमि दी गई है। विद्यालयों और खेल मैदानों से अतिक्रमण हटाया जाएगा। शिक्षा विभाग के भूमि संबंधी कार्यों के निष्पादन के लिए अलग से डीसीएलआर या एडीएम स्तर के पदाधिकारी को नोडल अफसर के रूप में तैनात किया जाएगा।
अधिवेशन भवन में चल रहे राज्यस्तरीय कार्यशाला सह चिंतन शिविर के दूसरे दिन सोमवार को डॉ. जायसवाल ने शिक्षा अधिकारियों को काम की गुणवत्ता सुधारने और तनावमुक्त होकर काम करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी मौजूद रहे। डॉ. जायसवाल ने कहा कि राजस्व विभाग के पास अबतक ऐसे 147 विद्यालयों की सूची आई है, जहां पर अतिक्रमण है। यह संख्या और बढ़ सकती है। ऐसे विद्यालयों को अतिक्रमणमुक्त कराने और विद्यालयों तक पहुंच पथ के लिए जमीन देने की दिशा में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी नई पीढ़ी को तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की पहल से शिक्षकों की समस्याएं एक-एक कर दूर की जा रही हैं। शिक्षक भी शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार सुधार के लिए समर्पित होकर काम करें।
राजस्व मंत्री ने सुझाव दिया कि विभागीय सचिव, डीईओ, आरडीडी और डीपीओ सहित सभी पदाधिकारी महीने में कम से कम एक दिन किसी विद्यालय में जाकर बच्चों से संवाद करें और कक्षा लें। इससे शिक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को सोने से पहले पूरे दिन के काम का आकलन करना चाहिए। साथ ही अगले दिन किए जाने वाले कार्यों की योजना बनाकर ही सोना चाहिए। काम का मूल्यांकन करने से उसकी गुणवत्ता में सुधार आता है।
उन्होंने शिक्षा अधिकारियों से कहा कि काम के दबाव को अपने ऊपर हावी न होने दें। अधिकारी कलम और दिमाग से काम करते हैं। इसलिए मानसिक तनाव को कम करना जरूरी है। दिन में कई लोगों से मिलने वाले अधिकारी को हर व्यक्ति से नई ऊर्जा और मुस्कान के साथ मिलना चाहिए। यह जरूर ध्यान रहे कि आपका हर काम परिणाम केंद्रित होना चाहिए। राजस्व मंत्री ने कहा कि अधिकारियों और शिक्षकों को समय-समय पर ऐसे चिंतन शिविरों के माध्यम से अपने काम की समीक्षा करनी चाहिए। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार का आकलन किया जा सकेगा। इससे पूर्व शिक्षा मंत्री ने राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर स्वागत किया।