पटना: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि जिन शिक्षकों की सेवा दो वर्ष या उससे कम बची है, उनका स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। सरकार ने ऐसे शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।
तिवारी ने मंगलवार का एक बार फिर दोहराया कि राज्य सरकार की शिक्षक स्थानांतरण नीति पूरी तरह ऐच्छिक है। यह किसी भी शिक्षक के लिए अनिवार्य नहीं है। शिक्षक अपनी इच्छा के अनुसार ही स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाएगा, जिन्होंने अपनी इच्छा से स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है। किसी भी शिक्षक को तबादले के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षकों के हितों का ध्यान रखते हुए पारदर्शी और सुविधाजनक स्थानांतरण व्यवस्था तय करना है। स्थानांतरण प्रक्रिया में शिक्षकों की इच्छा और उनकी सुविधा को विशेष महत्व दिया जा रहा है।