पटना: राज्य के कटिहार जिले के प्राणपुर प्रखंड स्थित नया प्राथमिक विद्यालय, दीघापार के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित 44.85 लाख रुपये के भुगतान से जुड़ी खबर को जांच में भ्रामक और तथ्यहीन पाया गया है।
दरअसल सोशल मीडिया पर विद्यालय चोरी होने और 44.85 लाख रुपये के भुगतान से संबंधित एक बिल प्रसारित किया जा रहा था। कटिहार के डीईओ कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखों की जांच में यह बिल एआई जेनरेटेड और असत्य पाया गया। इस बिल से संबंधित कोई प्रामाणिक कार्यालयी अभिलेख उपलब्ध नहीं है।
कटिहार के डीएम के निर्देश पर डीईओ एवं अनुमंडल पदाधिकारी ने 10 सितम्बर को नया प्राथमिक विद्यालय, दीघापार का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान स्थानीय ग्रामीणों से भी इस संबंध में जानकारी और प्रमाण मांगे गए, लेकिन किसी ग्रामीण द्वारा 44.85 लाख रुपये के भुगतान से संबंधित कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि यह विद्यालय भवनहीन है। विद्यालय भवन के संबंध में कटिहार के डीईओ कार्यालय द्वारा पूर्व में ही 30 जुलाई को प्राथमिक शिक्षा के निदेशक को प्रतिवेदन भेजा जा चुका है। दस्तावेजों और स्थलीय जांच के आधार पर सोशल मीडिया पर प्रसारित 44.85 लाख रुपये के भुगतान संबंधी खबर और बिल तथ्यहीन एवं भ्रामक पाया गया। शिक्षा विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अप्रमाणित सूचना पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच कर लें।