पटना: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अगले शैक्षणिक सत्र के शुरू होने से पहले सभी विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एक अप्रैल से पूर्व सभी बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि पढ़ाई शुरू होने में किसी तरह की परेशानी न हो। शुक्रवार को विकास भवन स्थित मदन मोहन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी उच्च विद्यालयों में विषयवार पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय ताकि छात्र हर विषय की पढ़ाई ठीक ढंग से कर सकें। बैठक में कृषि विषय के 76 रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए बीपीएससी को जल्द अधियाचना भेजने पर भी चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सेवानिवृत्ति, पेंशन, बकाया भुगतान और छुट्टी से जुड़े मामलों का निर्धारित समय में निपटारा किया जाए। उन्होंने निविदा प्रक्रिया समय पर पूरी करने को कहा, ताकि सभी संबंधित कार्य 31 मार्च से पहले पूरे हो सकें।
बैठक में बताया गया कि कायाकल्प अभियान के तहत सभी जिलों को कुल 275 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इसके तहत हर प्राथमिक विद्यालय को 30 से 40 हजार और हर उच्च विद्यालय को 50 हजार रुपये दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि 30 अक्टूबर से पहले विद्यालय प्रबंध समितियों की बैठक कराकर प्रस्तावित कार्यों का अनुमोदन करा लिया जाए।
शिक्षा विभाग के विभिन्न निदेशालयों में 4,156 पद रिक्त हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि नियमित नियुक्ति होने तक इन पदों पर संविदा के आधार पर बहाली की जाएगी। शिक्षा सचिव राजीव रौशन ने कनीय अभियंता और सहायक अभियंता के रिक्त पदों को जल्द भरने पर जोर दिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य के वित्तरहित शिक्षकों को पहली बार राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे शिक्षकों के बैंक खातों में शीघ्र भेजी जाएगी। अब तक अनुदान की राशि विद्यालयों की प्रबंध समितियों के खाते में भेजी जाती थी।
बैठक में माध्यमिक विद्यालय प्रधानाध्यापक नियुक्ति नियमावली, निकाय शिक्षक नियमावली, शिक्षा लिपिकीय संवर्ग और संस्कृत शिक्षा बोर्ड नियमावली सहित विभिन्न प्रस्तावित नियमावलियों तथा उनमें किए जाने वाले संशोधनों पर चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विभागीय योजनाओं और कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था बेहतर हो और शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में शिक्षा सचिव राजीव रौशन, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष त्यागराजन एसएम, बिहार शिक्षा परियोजना के राज्य परियोजना निदेशक नवदीप शुक्ला, टेक्स्ट बुक के एमडी यतेंद्र कुमार पाल, माध्यमिक शिक्षा निदेशक नितिन कुमार सिंह, प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुमार निशांत विवेक, बीएसईआईडीसी के प्रबंध निदेशक अभिषेक पलासिया, मिड डे मील योजना के निदेशक विनायक मिश्र सहित विभाग के सभी प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।