बिहार के लाखों शिक्षकों को बड़ी खुशखबरी, ट्रांसफर का नया आदेश जारी, मिली बड़ी छूट, पुराने सभी आवेदन रद्द..

बिहार के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 24, 2026, 6:21:00 PM

बिहार के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ई-शिक्षाकोष पोर्टल से पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया होगी। पुराने सभी लंबित ट्रांसफर आवेदन अमान्य घोषित कर दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि पहले से लंबित सभी पुराने ट्रांसफर आवेदन स्वतः निरस्त माने जाएंगे। ऐसे सभी शिक्षकों को नई प्रक्रिया के तहत दोबारा आवेदन करना होगा। स्थानांतरण से जुड़े सभी कार्य विभागीय ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी, वस्तुनिष्ठ और पोर्टल आधारित बनाने के लिए अलग स्थानांतरण मॉड्यूल विकसित किया जा रहा है। पहली बार 5 साल की न्यूनतम सेवा शर्त में छूट दी गई है जबकि शिक्षक अधिकतम 30 स्कूलों का विकल्प दे सकेंगे। वहीं, अंतरजिला और अंतरप्रमंडल स्थानांतरण के लिए पांच-पांच विकल्प चुनने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 

पहले चरण में पांच वर्ष की शर्त में राहत

स्थानांतरण के प्रथम चरण में निर्धारित किसी विद्यालय में न्यूनतम पांच वर्ष तक कार्यरत रहने की शर्त को केवल आवेदन देने के उद्देश्य से शिथिल रखा जाएगा। इसका अर्थ है कि पांच वर्ष से कम समय से एक ही विद्यालय में कार्यरत शिक्षक भी पहले चरण में स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, परिवीक्षा अवधि में कार्यरत शिक्षक, प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक स्थानांतरण के लिए पात्र नहीं होंगे।

31 मार्च 2026 होगी कट-ऑफ तारीख

शिक्षकों की सेवा अवधि, कार्य अनुभव और अन्य पात्रताओं की गणना के लिए शैक्षणिक वर्ष की समाप्ति की तारीख यानी 31 मार्च 2026 को कट-ऑफ डेट माना जाएगा। इसके साथ ही पिछले दो वर्षों में स्थानांतरित किए गए शिक्षक, जिनमें पारस्परिक स्थानांतरण वाले शिक्षक भी शामिल हैं, इस चरण की स्थानांतरण प्रक्रिया में आवेदन कर सकेंगे।

2025-26 के नामांकन के आधार पर तय होगी शिक्षकों की जरूरत

विद्यालयों में शिक्षकों की आवश्यकता का निर्धारण शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विद्यार्थियों के नामांकन के आधार पर किया जाएगा। विभाग द्वारा तय मानक के अनुसार प्रत्येक विद्यालय में उपलब्ध कक्षाओं, विद्यार्थियों की संख्या, विषयवार आवश्यकता और शिक्षक संख्या का आकलन किया जाएगा।

प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के अनुसार शिक्षकों की आवश्यकता तय की जाएगी। कक्षा एक से पांच तक के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में प्रधान शिक्षक का एक पद अलग से माना जाएगा।

कक्षा छह से आठ तक विद्यार्थियों की नामांकन संख्या के आधार पर आवश्यकता के अनुसार अधिकतम 12 शिक्षकों तक का प्रावधान किया जा सकेगा। शिक्षकों की संख्या तय करते समय विद्यालय में उपलब्ध वर्ग कक्षों का भी ध्यान रखा जाएगा।

सरप्लस शिक्षकों की होगी पहचान

समायोजन और पुनर्पदस्थापन के लिए ऐसे विद्यालयों की पहचान की जाएगी, जहां आवश्यकता से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। इसके साथ ही उन विद्यालयों की सूची तैयार होगी, जहां शिक्षकों की कमी है।

अधिशेष यानी सरप्लस शिक्षकों की पहचान जिला स्तर पर विद्यालयवार की जाएगी। पहचान की प्रक्रिया में शिक्षक की सेवा अवधि, विषय, संवर्ग, विद्यालय में वर्तमान योगदान और निर्धारित शिक्षक-छात्र अनुपात को आधार बनाया जाएगा।

पांच वर्ष से अधिक समय से कार्यरत शिक्षक पहले सरप्लस माने जाएंगे

किसी विद्यालय में पांच वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत शिक्षक को अधिशेष शिक्षक की श्रेणी में चिह्नित किया जा सकता है। यदि एक ही विद्यालय में पांच वर्ष से अधिक समय से कई शिक्षक कार्यरत हैं, तो सबसे अधिक समय से पदस्थापित शिक्षक को पहले अधिशेष माना जाएगा।

यदि विद्यालय में सभी शिक्षक पांच वर्ष से कम समय से पदस्थापित हैं, तो सबसे कम अवधि से उस विद्यालय में कार्यरत शिक्षक को अधिशेष शिक्षक के रूप में चिह्नित किया जाएगा। विभाग ने कहा है कि अधिशेष शिक्षकों की पहचान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और पोर्टल आधारित होगी।

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अधिसूचना की मुख्य बातें

ई-शिक्षाकोष पोर्टल स्थानांतरण प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए पोर्टल पर विशेष मॉड्यूल विकसित किया गया है

 आवेदन की छूट: 

प्रथम चरण में न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा अवधि की शर्त को केवल आवेदन के लिए शिथिल रखा गया है

अधिशेष शिक्षक समायोजन: 

सरप्लस शिक्षकों को अधिकतम 30 विद्यालयों का विकल्प चुनने का अवसर मिलेगा, शिक्षकों के लिए पारस्परिक स्थानांतरण और 5-5 जिलों/प्रमंडलों के विकल्प चुनने का भी प्रावधान है

प्राथमिकता प्रणाली: 

महिला एवं पुरुष शिक्षकों के लिए पारदर्शी अंक प्रणाली और उनके गृह प्रखंड/जिले के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी...