बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 4 बड़े फैसले लिए हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बनेगी विशेष समिति बनेगी। साथ ही सीएम ने यह भी ऐलान किया कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग पोर्टल की तर्ज पर अब छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान के लिए भी अलग ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जाएगा। इस पोर्टल पर छात्र अपनी शिक्षा, कॉलेज, स्कूल, परीक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और अन्य छात्र हित से जुड़े मुद्दों को दर्ज कर सकेंगे। 30 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री स्तर पर सहयोग शिविर लगेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है-बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
घोषणा-1: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विशेष समिति
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर विद्यालय तक पहुँचाने के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, ताकि प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाया जा सके और छात्रों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो।
घोषणा-2: परीक्षा सुधार
बिहार में परीक्षाओं को सुचारु, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया गया है। समिति बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा-आधारित मूल्यांकन में तकनीक एवं AI के उपयोग के माध्यम से छात्रों के ज्ञान, समझ एवं विश्लेषण क्षमता के बेहतर आकलन के लिए सुझाव देगी।
घोषणा-3: विशेष सहयोग शिविर
शिक्षा सुधार के लिए विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक एवं छात्रों के साथ संवाद कर उनके सुझाव एवं समस्याएँ सुनी जाएंगी।
घोषणा-4: छात्र कल्याण
छात्रों के कल्याण से जुड़े कार्यों के बेहतर समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों में निदेशालय का गठन किया जाएगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर परीक्षा व्यवस्था एवं छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए बिहार सरकार प्रतिबद्ध है।