पाठ्य पुस्तकों में सुधार को लेकर बीबोस की छह दिवसीय कार्यशाला का समापन

बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बीबोस) के अंतर्गत तैयार की गई स्व-अधिगम सामग्री एवं पाठ्य पुस्तकों में सुधार को लेकर महेन्द्रू स्थित एससीईआरटी में आयोजित छह दिवसीय कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया।

बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बीबोस) के अंतर्गत तैयार की गई स्व-अधिगम सामग्री एवं पाठ्य पुस्तकों में सुधार को लेकर महेन्द्रू स्थित एससीईआरटी में आयोजित छह दिवसीय कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बीबोस की पाठ्य पुस्तकों की समीक्षा के लिए कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया था।

कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (विद्यालयी शिक्षा) 2023 के अनुरूप एससीईआरटी द्वारा नामित शिक्षकों ने विभिन्न विषयों की स्व-अधिगम सामग्री एवं पाठ्य पुस्तकों की गहन समीक्षा की। तीन चरणों में आयोजित कार्यशाला में भाषा, शिक्षाशास्त्र, सामाजिक विज्ञान, कला, वाणिज्य, विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, गृह विज्ञान, व्यवसाय अध्ययन सहित विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों ने भाग लिया।

इस दौरान शिक्षण सामग्री को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप अधिक सरल, उपयोगी, समसामयिक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही विद्यार्थियों में समझ, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता एवं व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने की दृष्टि से पाठ्य सामग्री में आवश्यक सुधार के बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

बीबोस के मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी विजय कुमार ने कार्यशाला में सहभागिता करने वाले सभी शिक्षकों एवं विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुक्त विद्यालयी शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण और अद्यतन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना बोर्ड की प्राथमिकता है।