पटना: राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा वर्तमान में किसी भी जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री ने बताया कि 04 सितंबर, 2026 की स्थिति के अनुसार राज्य में 3.44 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.52 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.48 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.71 लाख मीट्रिक टन एमओपी तथा 1.17 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि उर्वरक का उप-आवंटन आवश्यकता एवं आच्छादन के आधार पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम अभाव की स्थिति उत्पन्न न हो।
कृषि मंत्री ने कहा कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री, कालाबाजारी, जमाखोरी तथा किसानों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता को राज्य सरकार द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है। ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि शारदीय मौसम, 2026-27 में 04 सितंबर, 2026 तक अनियमितता के विरुद्ध 72 उर्वरक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा 330 उर्वरक प्रतिष्ठानों के प्राधिकार पत्र रद्द किए गए हैं। कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मुख्यालय स्तर पर उड़नदस्ता दल गठित किया गया है, जो प्राप्त शिकायतों के आधार पर लगातार निरीक्षण एवं जांच कर रहा है। इसके अतिरिक्त जिलों में कृषि विभाग के पदाधिकारियों की जांच टीम द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के साथ समन्वय स्थापित कर निरीक्षण दल द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि उर्वरक प्रतिष्ठानों की पीओएस मशीन में प्रदर्शित स्टॉक एवं भौतिक रूप से उपलब्ध मात्रा का नियमित सत्यापन किया जाए। बिक्री अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर और निर्धारित मूल्य पर बिक्री की भी जांच की जाए तथा गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में यूरिया का कुल लागत मूल्य 2,232 रुपये प्रति बैग है, जिसमें सरकार द्वारा लगभग 1,966 रुपये प्रति बैग सब्सिडी के रूप में वहन किया जा रहा है तथा किसानों के लिए यूरिया का निर्धारित मूल्य 266.50 रुपये प्रति बैग है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे फसल की आवश्यकता एवं अनुशंसा के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करें तथा खरीदते समय बिक्री रसीद अवश्य प्राप्त करें। यदि किसी विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक राशि की मांग की जाती है अथवा किसी अन्य उत्पाद की अनिवार्य बिक्री के लिए दबाव बनाया जाता है, तो इसकी सूचना किसान हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 अथवा विभाग द्वारा जारी ह्वाट्सएप नंबर 7766085888 पर दें।