जमशेदपुर : हिमांशु सिंह हत्याकांड का नया खुलासा, घरवालों को बताए बिना हुआ शव का पोस्टमॉर्टम

जमशेदपुर : हिमांशु सिंह हत्याकांड का नया खुलासा, घरवालों को बताए बिना हुआ शव का पोस्टमॉर्टम

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jul 01, 2026, 12:56:00 PM

जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में अब एक नया विवाद सामने आ गया है। करणी सेना सदस्य हिमांशु सिंह के शव का देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। इतना ही नहीं, पोस्टमार्टम के बाद भी परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, डबल डाउन बार की गतिविधियां भी जांच के घेरे में हैं और इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उधर, कानून-व्यवस्था में लापरवाही मानते हुए मुख्यमंत्री ने जमशेदपुर के एसएसपी और सरायकेला-खरसावां की एसपी को उनके पद से हटा दिया है। बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर हुई हिमांशु सिंह की हत्या के बाद शहर का माहौल अब भी तनावपूर्ण बना हुआ है। मंगलवार देर रात प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हिमांशु के शव को टीएमएच से एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई। अस्पताल परिसर को पूरी तरह पुलिस सुरक्षा घेरे में रखा गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। लेकिन पोस्टमार्टम के बाद मामला नया मोड़ ले गया। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम उनकी जानकारी और मौजूदगी के बिना कराया गया। उनका कहना है कि न तो उन्हें समय की सूचना दी गई और न ही प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिला। यही वजह रही कि पोस्टमार्टम के बाद भी परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, इन आरोपों पर अब तक पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इधर, जांच एजेंसियों ने हत्या की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब सिर्फ हत्याकांड ही नहीं, बल्कि डबल डाउन बार के संचालन, वहां की गतिविधियों और पहले से मिल रही शिकायतों की भी गहन जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बार को लेकर लंबे समय से विवाद और अव्यवस्था की शिकायतें मिल रही थीं। हैरानी की बात यह है कि यह बार बिष्टुपुर थाना से बेहद कम दूरी पर संचालित हो रहा था। ऐसे में स्थानीय पुलिस की भूमिका और पहले मिली शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे कानून-व्यवस्था में बड़ी चूक माना है। उन्होंने जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी को उनके पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। इसके साथ ही कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त, रांची के एडीजी और कोल्हान डीआईजी को जमशेदपुर में कैंप कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल पुलिस हत्या की साजिश, आरोपियों की भूमिका, डबल डाउन बार के संचालन और पूरे घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की जांच में जुटी हुई है। वहीं, पूरे मामले पर अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या नए खुलासे सामने आते हैं और परिजनों के आरोपों पर प्रशासन क्या जवाब देता है।