पैतृक जमीन पर कब्जे का आरोप, SDM कोर्ट के आदेश के बावजूद निर्माण का दावा

औद्योगिक थाना क्षेत्र के जढ़ुआ में पैतृक जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। जढ़ुआ निवासी भारत भूषण ने कुछ लोगों पर उनकी पैतृक जमीन पर जबरन कब्जा करने, निर्माण कराने और आने-जाने का रास्ता बंद करने का आरोप लगाया है।

हाजीपुर (वैशाली) : औद्योगिक थाना क्षेत्र के जढ़ुआ में पैतृक जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। जढ़ुआ निवासी भारत भूषण ने कुछ लोगों पर उनकी पैतृक जमीन पर जबरन कब्जा करने, निर्माण कराने और आने-जाने का रास्ता बंद करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर पीड़ित ने वरीय पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। पीड़ित भारत भूषण के अनुसार, विवादित जमीन से संबंधित खाता-प्लॉट समेत अन्य कागजात उनके पास मौजूद हैं। उनका दावा है कि जमीन को लेकर एसडीएम हाजीपुर न्यायालय से आदेश भी जारी हो चुका है। इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित जमीन पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

रास्ता बंद करने का भी आरोप

भारत भूषण ने आरोप लगाया है कि पैतृक जमीन पर कब्जे की कोशिश के साथ-साथ उनके आने-जाने के रास्ते को भी प्रभावित किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस मामले की जानकारी स्थानीय स्तर पर पुलिस को दी गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। पीड़ित का कहना है कि जमीन को लेकर विवाद लंबे समय से चला आ रहा है और यदि समय रहते प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

SSP और जिला प्रशासन से लगाई गुहार

मामले को लेकर भारत भूषण ने वरीय पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित जमीन के दस्तावेजों और एसडीएम न्यायालय के आदेश के आधार पर स्थिति स्पष्ट कराने और पैतृक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और दूसरे पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवादित जमीन पर निर्माण और कब्जे को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि विवादित जमीन को लेकर न्यायालय का आदेश मौजूद है तो उसके बावजूद निर्माण कार्य किए जाने के आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है? अब निगाहें पुलिस और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

वैशाली से संतोष कुमार सिंह की रिपोर्ट