सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड क्षेत्र में एक आंगनबाड़ी सहायिका के बैंक खाते में अचानक 740 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई देने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। हरिहरपट्टी पंचायत के वार्ड संख्या 10 निवासी तथा आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 339 की सहायिका गीता देवी के खाते में 7,40,68,72,895.78 रुपये का बैलेंस दिखने के बाद पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई।
जानकारी के अनुसार, बीते 10 जुलाई को गीता देवी अपने खाते से राशि निकालने के लिए गांव के एक सीएससी केंद्र पहुंचीं। उन्होंने पहले 2100 रुपये की निकासी की। इसके बाद जब सीएससी संचालक बलराम कुमार ने खाते का शेष बैलेंस जांचा तो स्क्रीन पर अरबों रुपये की राशि दिखाई दी। इतनी बड़ी रकम देखकर संचालक और गीता देवी दोनों हैरान रह गए।
गीता देवी ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि पंजाब में मजदूरी कर रहे उनके पति प्रदीप कुमार ने शायद कोई बड़ी राशि भेजी होगी। हालांकि, फोन पर संपर्क करने पर उनके पति ने ऐसे किसी भी लेनदेन से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई।
सीएससी संचालक बलराम कुमार ने बताया कि वह पिछले 8-10 वर्षों से केंद्र चला रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटना पहली बार देखी है। उन्होंने गीता देवी को सलाह दी कि यदि राशि उनकी नहीं है तो तुरंत बैंक को सूचना दें। इसी बीच कुछ देर बाद दोबारा बैलेंस जांचने पर खाता फ्रीज हो चुका था। बाद में 10 हजार रुपये निकालने का प्रयास भी असफल रहा।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक आंगनबाड़ी सहायिका के खाते में इतनी बड़ी राशि कैसे दिखाई दी। क्या यह बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ी है, किसी साइबर त्रुटि का परिणाम है या किसी अन्य कारण से ऐसा हुआ, इसकी जांच की जा रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
सुपौल से कुणाल कुमार की रिपोर्ट