सुपौल में चर्चित रौशन पंडित हत्याकांड को लेकर बुधवार को जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रशासन की अनुमति नहीं होने के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट गेट तक पहुंच गए। इस दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और हल्की झड़प भी हुई। बाद में मृतक के परिजनों ने डीएम और एसपी से मुलाकात कर न्याय की मांग की।
त्रिवेणीगंज के चर्चित रौशन पंडित हत्याकांड को लेकर बुधवार को सुपौल जिला मुख्यालय में माहौल गरमा गया। न्याय की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। प्रशासन की अनुमति नहीं होने के बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे, जिसके चलते रास्ते में कई स्थानों पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और हल्की झड़प भी हुई।
स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद प्रशासन ने रौशन पंडित की पत्नी और परिजनों सहित आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को डीएम और एसपी से मिलने की अनुमति दी। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के समक्ष हत्याकांड की निष्पक्ष और त्वरित जांच, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग रखी।
डीएम और एसपी ने मामले में कानून के तहत निष्पक्ष कार्रवाई तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। हालांकि, परिजनों और समर्थकों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। रौशन पंडित हत्याकांड को लेकर जिले की सियासत और सामाजिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
सुपौल से कुणाल कुमार की रिपोर्ट