सिवान : सिवान में अलमापुर गांव में हुए भीषण पटाखा विस्फोट में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में एक बुजुर्ग, दो युवक और दो नाबालिग बच्चे शामिल हैं। घटना के बाद जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और मेडिकल टीम मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य चला रही है। जेसीबी से मकान का मलबा हटाया जा रहा है। पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। गांव में जगह जगह बैरिकेडिंग लगा दी गई है। डॉग स्कॉड की टीम भी जांच कर रही है। वहीं एक मकान से बड़ी मात्रा में सुतली बम बरामद किया गया है। मकान के लोग घर छोड़कर फरार हो गए है।
मकान इरशाद नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है
आपको बता दें कि मकान इरशाद नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है। मामला जामो बाजार थाना क्षेत्र के अलमापुर गांव की है। दरअसल, 23 अक्टूबर की देर शाम जामो बाजार थाना क्षेत्र के अलमापुर गांव में अवैध रूप से पटाखा बनाने के दौरान विस्फोट हुआ था। धमाका इतना भीषण था कि मकान क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही जामो बाजार थानाध्यक्ष पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
घटनास्थल पर DM, SP और CO के अलावा कई वरीय अधिकारी तुरंत पहुंचे
घटना के बाद सीवान के जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा, पुलिस अधीक्षक भारत सोनी और महाराजगंज के अनुमंडल पदाधिकारी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। फिलहाल मौके पर जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग, बिजली विभाग, डॉग स्क्वॉड और मेडिकल टीम मौजूद है। सभी टीम अपने स्तर से राहत एवं बचाव कार्य कर रही है। हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों की पहचान कर ली गई है।
पुलिस ने सभी शवों की इनक्वेस्ट प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सिवान भेज दिया है
वहीं मृतकों में करीब अमरुद्दीन अहमद (70 साल), मुर्सकाल सिद्दीकी (20 साल), खुशबू सिद्दीकी (10 साल), अरशद सिद्दीकी (8 साल) और राजकुमार उर्फ भोला (35 साल) शामिल हैं। इनमें से चार मृतक अलमापुर गांव के निवासी थे, जबकि राजकुमार उर्फ भोला सिवान जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र के सदरपुर गांव के निवासी थे। पुलिस ने सभी शवों की इनक्वेस्ट प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सीवान भेज दिया है। फिलहाल, इस घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। पटाखा बनाने के दौरान हुए इस भीषण विस्फोट के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई जारी है।
सिवान से नागेंद्र कुमार की रिपोर्ट