सासाराम। रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र के एक गांव में बीते 6 वर्ष पूर्व एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या मामले में शुक्रवार को अदालत ने एक सख्त व ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सात श्री अरविन्द ने अपराध को दुर्लभतम मानते हुए एकमात्र अभियुक्त बलिराम सिंह को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ हीं अदालत ने पीड़ित मां को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि देने का भी आदेश दिया है।
11 गवाहों एवं प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर आया फैसला
मामले में विशेष लोक अभियोजक हीरा प्रताप सिंह ने बताया कि इस मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाहों की गवाही कराई गई थी। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर एडीजे सात श्री अरविंद ने अभियुक्त बलिराम सिंह को घटना का दोषी पाया और शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए फांसी की सजा मुकर्रर की।
खिलौना देने के बहाने ले गया घर
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना 15 नवंबर 2020 की बताई जाती है। घटना के दिन अभियुक्त बलिराम सिंह ने एक 10 वर्षीय बच्ची को खिलौना देने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया, जहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के बाद उसकी हत्या कर दी।
काठ के बक्से में मिली मासूम की लाश
आरोपी यही नहीं रुका, उसने घिनौने कृत्य के बाद पकड़े जाने के डर से मासूम की लाश को घर में हीं एक काठ के बक्से में छुपा दिया और गांव के एक दूसरे घर में छिप गया। हालांकि इस घटना से पूर्व गांव के हीं एक व्यक्ति ने बलिराम सिंह को उक्त बच्ची के साथ जाते देखा था, जिसके आधार पर जब पुलिस ने बलिराम सिंह के घर की तलाशी ली गई, तो बच्ची का शव बरामद हुआ।
सासाराम से दिवाकर तिवारी की रिपोर्ट