सासाराम जिले के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के बाद सूबे की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ हत्या के विरोध में विभिन्न नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी पटना में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं विपक्ष प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है।
मामले में पीड़ित की पत्नी बबीता कुमारी ने लोजपा के स्थानीय विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार विधायक सोनू सिंह लगातार उनके पति से बात करते हुए 50 लाख रुपए की मांग करते थे। इतना हीं नहीं पत्नी ने विधायक सोनू सिंह पर साजिश के तहत हत्या कराने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने स्थानीय विधायक के नार्को टेस्ट की भी मांग की और कहा कि हत्या में संलिप्त सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं पीड़ित की पत्नी के आरोपों को स्थानीय विधायक सोनू सिंह ने राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि ईओ की हत्या से व्यक्तिगत तौर पर मैं काफी आहत हूं। इस दुखद हत्याकांड में बिना प्रमाण के मुझ पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह राजनीतिक उकसावे का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि शहर का विकास और जनता की सेवा हीं उनकी प्राथमिकता है, जिसको लेकर एक जनप्रतिनिधि के नाते विमल कुमार से अक्सर बातचीत होती रहती थी। पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए विधायक ने कहा कि मामला जांच का विषय है और अपराधी कोई भी हो, बचेगा नहीं।
हालांकि इस मामले में कार्यपालक पदाधिकारी के चालक मिथिलेश कुमार ने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबूल कर लिया है। मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने बताया कि गिरफ्तार चालक की निशानदेही पर घटनास्थल के नजदीक नहर से हत्या में प्रयुक्त लोहे की सरिया को बरामद कर लिया गया है और पीड़ित पत्नी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर अग्रत्तर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस परिवार के आरोपों को ध्यान में रखते हुए हर पहलू पर सूक्ष्मता से जांच कर रही है।
सासाराम से दिवाकर तिवारी की रिपोर्ट