सासाराम जिले के डेहरी के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या मामले में मुख्य आरोपी मिथलेश कुमार के कबूलनामे के बाद भी पूरा मामला लगातार उलझता जा रहा है। दरअसल हत्याकांड के मुख्य आरोपी और दिवंगत ईओ विमल कुमार के चालक मिथिलेश कुमार की पत्नी ने भी अब पूरे मामले को एक साजिश कर दिया है। हालांकि आरोपी की पत्नी आरती देवी ने इस साजिश के पीछे किसी पर शक होने से इनकार किया है, लेकिन अब उसके बयान सामने आने के बाद साजिश की आशंका बढ़ गई है। गौरतलब हो कि इससे पूर्व दिवंगत ईओ की पत्नी बबीता कुमारी ने भी हत्या के पीछे स्थानीय विधायक पर साजिश रचने का आरोप लगाया है।
मुख्य आरोपी मिथिलेश कुमार की पत्नी आरती देवी का कहना है कि उनके पति को एक सोची समझी साजिश के तहत जानबूझकर फंसाया जा रहा है। पत्नी ने बताया कि उनके पति ने कभी भी अपने काम को लेकर अत्यधिक दबाव अथवा अपने साहब के साथ किसी भी तरह के विवाद का जिक्र घर पर नहीं किया था। इसके विपरीत वे अपने ईओ साहब के स्वभाव का गुणगान करते थे और दोनों के बीच अच्छा तालमेल था। पत्नी का स्पष्ट कहना है कि पुलिस के दबाव में आकर उनके पति ने हत्या की बात कबूल की है, जबकि इसके पीछे किसी और का हाथ है। हालांकि पत्नी ने किसी पर शक होने की बात से इनकार किया है।
वहीं आरती देवी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि उनके परिवार को न्याय मिल सके। बता दें कि हत्या के मुख्य आरोपी मिथिलेश कुमार एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वे अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, जिनके जेल जाने से परिवार के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। मुख्य आरोपी मिथिलेश कुमार डेहरी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कौवाखोंच गांव के निवासी हैं।
दरअसल बिहार सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी की हत्या के इस हाई प्रोफाइल मामले में लगातार आरोप प्रत्यारोप एवं साजिश की आशंका को देखते हुए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने एक बड़ा फैसला लिया है। आईजी विकास वैभव ने सोमवार को एक प्रेस बयान जारी कर बताया कि मामले की तह तक जाने के लिए औरंगाबाद एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया है और पुलिस हर बिंदुओं पर सूक्ष्मता से जांच कर रही है।
सासाराम से दिवाकर तिवारी की रिपोर्ट