अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन: 29 अगस्त 1942 को शहीद हुए छह अमर शहीद को किया नमन

अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन 29 अगस्त 1942 को शहीद हुए सहरसा के वीर सपूतों को शनिवार को याद करते हुए स्थानीय शहीद चौक पर शहीदों के याद में बनाये गए स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।

अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन 29 अगस्त 1942 को शहीद हुए सहरसा के वीर सपूतों को शनिवार को याद करते हुए स्थानीय शहीद चौक पर शहीदों के याद में बनाये गए स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष शालिग्राम देव के अध्यक्षता तथा टीम राष्ट्रवादी के सदस्य अभिषेक सिंह के संचालन में आयोजित पुष्पाजलि  कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते शालीग्राम देव नें कहा की आज का दिन सहरसा के लिए ऐतिहासिक दिन है। 

उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि आजादी की लड़ाई में सहरसा का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है। इस अवसर पर अपनी बात रखते बिजय बसंत नें कहा की देश को गुलामी की जंजीरो से मुक्त कराने में सहरसा का बहुत योगदान रहा है। आज ही के दिन स्थानीय स्टेशन के समीप सहरसा के वीर सपूत धीरो राय, केदारनाथ तिवारी, पुलकित कामत, हीरा कांत झा, भोला ठाकुर, कालेश्वर मंडल ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन शहीदों के कार्यक्रम में प्रशासनिक उदासीनता का भी चर्चा स्थानीय लोगों ने की।

इस अवसर पर शहीद के परिजन मदन तिवारी, दिलीप राय सहित राज कुमार गुप्ता, आशीष गुप्ता, हरिशंकर, सुचेन बरनौल, बजरंग गुप्ता, संतोष यादव, बिजय सिंह मिथिला, गोपाल झा, संजय गुप्ता, गोबिंद पांडेय, मिथुन गुप्ता, सूरज सर्राफ, राहुल कुमार, रणजीत सिंह, कैलाश साह आदि कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

सहरसा से विकास की रिपोर्ट