NEET छात्रा की मौत के बाद हरकत में महिला आयोग, पटना के गर्ल्स हॉस्टलों से मांगी पूरी जानकारी

NEET छात्रा की मौत के बाद हरकत में महिला आयोग, पटना के गर्ल्स हॉस्टलों से मांगी पूरी जानकारी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 21, 2026, 3:08:00 PM

पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद राजधानी में छात्रावासों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहराती जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब बिहार राज्य महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने पटना के जिलाधिकारी से जिले में संचालित सभी छात्रावासों का विस्तृत ब्योरा तलब किया है।

इस संबंध में मंगलवार को महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने पटना के जिलाधिकारी को औपचारिक पत्र भेजा है। पत्र में विशेष रूप से निजी छात्रावासों की स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं। आयोग ने जिले में पंजीकृत और अपंजीकृत हॉस्टलों की संख्या, वहां रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था, उपलब्ध सुविधाएं और नियमों के अनुपालन की जानकारी मांगी है।

महिला आयोग ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि छात्रावासों में सुरक्षा के लिए क्या-क्या मानक अपनाए जा रहे हैं, या फिर कहीं ये व्यवस्थाएं केवल कागजों तक ही सीमित हैं। इसके साथ ही भोजन, आवास, स्वच्छता और दैनिक जीवन से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। आयोग का उद्देश्य यह आकलन करना है कि राजधानी के अलग-अलग इलाकों में रहने वाली छात्राएं वास्तव में कितनी सुरक्षित हैं और उन्हें तय मानकों के अनुरूप माहौल मिल रहा है या नहीं।

दरअसल, यह पहल पटना के एक निजी हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की रहस्यमयी मौत के बाद सामने आई है। इस घटना ने छात्रावासों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी पृष्ठभूमि में महिला आयोग ने जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम से छात्राओं के लिए संचालित सभी हॉस्टलों की सूची और संबंधित विवरण उपलब्ध कराने को कहा है।

आयोग की अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर सभी जानकारियां सौंपने का समय दिया है। उल्लेखनीय है कि पटना के लगभग हर इलाके में बड़ी संख्या में निजी हॉस्टल बिना प्रभावी निगरानी के चल रहे हैं। कई जगहों पर छात्राओं की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र देखभाल को लेकर लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। आयोग का मानना है कि समय रहते ठोस कदम उठाकर भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।