देश की नई पीढ़ी बेहतर हिंदुस्तान बनाने के लिए आगे बढ़ रही है और भाकपा (माले) उनके हर लोकतांत्रिक संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है। यह बातें भाकपा (माले) के महासचिव कॉ. दीपंकर भट्टाचार्य ने गुरूवार को राजधानी के पाली में आयोजित एक जनसभा में कही।
राजधानी के पालीगंज हाई स्कूल के खेल मैदान में भाकपा (माले) द्वारा आयोजित ‘संकल्प सभा’ का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों की संख्या में आम जनता, छात्र-युवा, किसान, मजदूर एवं महिलाओं ने भाग लिया। यह सभा युवाओं पर पुलिसिया दमन, बेहतर स्कूली शिक्षा एवं उच्च शिक्षा, सम्मानजनक रोजगार, नहरों में पानी, गरीबों के वास-आवास के अधिकार तथा एनकाउंटर, बुलडोज़र और पुलिसिया दमन के खिलाफ आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के महासचिव कॉ. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि देश की नई पीढ़ी बेहतर हिंदुस्तान बनाने के लिए आगे बढ़ रही है और भाकपा (माले) उनके हर लोकतांत्रिक संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा व्यवस्था को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया जा रहा है, प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक और भ्रष्टाचार हो रहा है तथा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलनों ने हमेशा देश को नई दिशा और नेतृत्व दिया है, लेकिन आज सत्ता छात्र-युवाओं की आवाज़ को दमन के जरिए दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि बिहार में सफाई कर्मचारी पिछले कई दिनों से हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। शराबबंदी के नाम पर गरीबों को फंसाया जा रहा है, जबकि असली शराब माफिया खुलेआम फल-फूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के सवालों का जवाब दमन नहीं, बल्कि नीतिगत बदलाव होना चाहिए।
पालीगंज विधायक डॉ. संदीप सौरभ ने कहा कि बिहार में सरकारी स्कूलों और विश्वविद्यालयों को व्यवस्थित तरीके से बर्बाद किया जा रहा है ताकि गरीबों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित किया जा सके। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार की मांग कर रहे छात्र-युवाओं पर पुलिस द्वारा दमन, गिरफ्तारी और गोलीबारी लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार जवाब दे कि छात्रों पर AK-47 और पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया गया? उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल नहीं रहे युवाओं को भी गिरफ्तार किया गया, जिससे सरकार की दमनकारी मानसिकता उजागर होती है। उन्होंने घोषणा की कि बेहतर शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई और तेज की जाएगी तथा सरकार के दमन से यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि बिहार और देश में बेरोज़गारी, शिक्षा संकट, भ्रष्टाचार और बढ़ते पुलिसिया दमन के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन की आवश्यकता है। संकल्प सभा ने लोकतांत्रिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और जनहित के सवालों पर संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया। सभा को ऐपवा नेत्री लीला वर्मा, पूर्व विधायक महानंद सिंह, गोपाल रविदास, मुखिया संघ के अध्यक्ष आनंद यादव, आइसा अध्यक्ष धनंजय, भाकपा (माले) पोलित ब्यूरो सदस्य कॉ. अमर, पूर्व सांसद रामेश्वर प्रसाद तथा किसान नेता मंगल यादव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन भाकपा (माले) नेता अनवर हुसैन ने किया।