त्रिस्तरीय व ग्राम कचहरी प्रतिनिधि कर्मियों का एलान, मांगे पूरी नहीं होने पर होगा मंत्री आवास का घेराव

बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग की स्थिति बद से बदतर हो गई है। आठ-दस वर्षों से एक ही जगह पर अधिकारी जमे हुए हैं।

पटना: बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग की स्थिति बद से बदतर हो गई है। आठ-दस वर्षों से एक ही जगह पर अधिकारी जमे हुए हैं। ये अधिकारी मनमानी करते हैं। त्रिस्तरीय एव ग्राम कचहरी का एक भी काम नहीं होता हैं। यह आरोप बिहार राज्य पंच सरपंच संघ के अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने मंगलवार को लगाया।

एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए अमोद निराला ने कहा कि राज्य का पंचायती राज विभाग भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा हुआ है। विभाग के कुछ अधिकारी मुख्यमंत्री, मंत्री और मुख्य सचिव के आदेश को भी नहीं मानते हैं। उनका संघ आगामी 15 अक्तूबर को एक महाबैठक का आयोजन कर रहा है। जिसमें बडी संख्या में पंचायती राज कर्मी हिस्सा लेंगे।

अमोद कुमार निराला ने कहा कि मंगलवार को एक 11 सूत्री मांग पत्र विभाग को को सौंपा गया है। जिसमे ग्राम कचहरी को प्रदत धारा 90-122 को शत प्रतिशत लागू कराने, ग्राम कचहरी में कार्यरत प्रहरी सह सफाई कर्मी को मान्यता प्रदान करने तथा शेष पर रखने की अनुमति, तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक में लिए गए निर्णय शास्त्र अनुज्ञप्ति सहित सभी निर्णय लागू करने, प्रतिनिधियों को पेंशन देने से संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट में भेजने, सुनवाई की राशि दस हज़ार से बढ़ाकर तीन लाख करने, नशीली वस्तुओं के कारोबार, उपयोग पर रोकथाम सुनवाई का अधिकार प्रदत करने, पुलिस प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने, कंटेजेंसी विविध खर्च की राशि पाँच हज़ार प्रतिमाह निर्धारित करने, न्याय पगड़ी देने, ग्राम कचहरी प्रतिनिधि कर्मी के मानदेय भत्ता में सम्मानजनक वृद्धि करने आदि माँगें की गई हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि स्पष्ट रूप से लिखित कहा गया है कि सरकार उनकी मांगों को पूरी करे और अगर सरकार इस मांग को पूरी करने में सक्षम नहीं है तो वह ग्राम कचहरी नामक संस्थान को बंद कर दे।