हर महीने 10 हजार, 2 लाख तक...बिहार की बेटियों के लिए CM सम्राट के 3 बड़े ऐलान, साथ में बड़ा तोहफा भी...

बिहार सरकार ने रक्षा बंधन के पावन पर्व के मौके पर राज्य की बेटियों और महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। साथ ही राज्य की महिलाओं को एक बड़ा तोहफा भी दिया है। सम्राट चौधरी ने कई योजनाओं की घोषणा की है।

बिहार सरकार ने रक्षा बंधन के पावन पर्व के मौके पर राज्य की बेटियों और महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। साथ ही राज्य की महिलाओं को एक बड़ा तोहफा भी दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेटियों की शिक्षा, शोध और रोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ महिला सुरक्षा को लेकर कई योजनाओं की घोषणा की है। इस खास मौके पर बहनों के लिए सरकारी बसों में सफर पूरी तरह मुफ्त रहेगा। इस योजना के तहत महिलाएं 27 और 28 अगस्त को मुफ्त बस सेवा का लाभ उठा सकेंगी। यह छूट 27 अगस्त की सुबह से शुरू होगी और 28 अगस्त की रात 10 बजे तक लागू रहेगी। इस दौरान यात्रा करने वाली किसी भी महिला से कोई किराया नहीं लिया जाएगा। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की सभी बसों में यह सुविधा उपलब्ध होगी।

पहला बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिला सुरक्षा से जुड़े इंतजामों को मजबूत करने के लिए बड़ा ऐलान किया है। पुलिस दीदी के लिए 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिल का लोकार्पण किया। अभया ब्रिगेड के लिए 4,700 वाहन रवाना हुए। इस पहले के बाद अब स्कूल-कॉलेजों के आसपास सुरक्षा बढ़ेगी  और छात्राओं सुरक्षित माहौल मिलेगा। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को नई मजबूती मिलेगी। पुलिसकर्मियों और पुलिस दीदी से जुड़ी व्यवस्था को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में ऐसी व्यवस्था महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित पहुंच के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

दूसरा बड़ा ऐलान

शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप के तहत बिहार की 1,000 योग्य छात्राओं को चार साल तक हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। यानी चयनित छात्राओं को पूरी अवधि में कुल 4.80 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है। सरकार का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से छात्राओं को शोध कार्य पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सकती है।

तीसरा बड़ा ऐलान

बेटियों को रोजगार और स्टार्टअप से जोड़ने के लिए उद्यमिता और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए ‘बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना’ शुरू करने का भी ऐलान किया है।  इस पहल का उद्देश्य राज्य की बेटियों को नए कारोबारी विचारों और नवाचार के क्षेत्र में अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत बेटियों को ₹50,000 से ₹2 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना बेटियों को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाली उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।