पुलिसकर्मियों पर रिश्वत लेकर दो युवकों को छोड़ने का आरोप, 8 पुलिसकर्मी निलंबित

पटना के फुलवारीशरीफ थाने में मादक पदार्थ की खरीद-बिक्री के मामले में पुलिसकर्मियों पर रिश्वत लेकर दो युवकों को छोड़ने का गंभीर आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

पटना के फुलवारीशरीफ थाने में मादक पदार्थ की खरीद-बिक्री के मामले में पुलिसकर्मियों पर रिश्वत लेकर दो युवकों को छोड़ने का गंभीर आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी फुलवारीशरीफ जांच कर रहे हैं। 

वहीं, प्रथम दृष्टया संलिप्तता सामने आने पर आठ पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 26 अक्टूबर 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर फुलवारीशरीफ पुलिस ने मादक पदार्थ की खरीद-बिक्री के खिलाफ छापेमारी की थी। इस दौरान नया टोला पठान टोली निवासी आकिब खान उर्फ मो. साकिब खान को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में फुलवारीशरीफ थाना कांड संख्या 1867/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

जांच में खुलासा हुआ कि छापेमारी के दौरान आकिब खान के साथ मो. आफताब आलम और मो. एहसान को भी पुलिस पकड़कर थाने लाई थी, लेकिन दोनों का नाम प्राथमिकी में दर्ज नहीं किया गया और न ही इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को दी गई। आरोप है कि छापेमारी टीम में शामिल पुलिसकर्मियों ने दोनों युवकों से मोटी रकम लेकर उन्हें पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया। बाद में पैसे के लेन-देन को लेकर पुलिसकर्मियों के बीच विवाद होने की बात भी सामने आई।

पु०अ०नि० दिवाकर प्रसाद, नारद मुनी सिंह, रितेश कुमार, आकाश कुमार, पवन कुमार सहित पीटीसी साबिर आलम और सिपाही आनंद राज व शुभम कुमार  की संलिप्तता की बात प्रथम दृष्टया सामने आई है। इसके अलावा कुछ स्थानीय लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

वरीय अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद एएसपी फुलवारीशरीफ को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, संबंधित आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

फुलवारीशरीफ से पीयूष शर्मा की रिपोर्ट