पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने मंगलवार को राजधानी के न्यू करबिगहिया पहुंचकर अपहृत कर हत्या किए गए किराना व्यवसायी बंटी कुमार यादव के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी, आर्थिक सहायता प्रदान की और कहा कि हम इस जघन्य हत्याकांड के दोषियों को अविलंब स्पीडी ट्रायल के माध्यम से फांसी की सजा देने की मांग करते हैं और इस परिवार के साथ हम मजबूती से खड़े हैं। सरकार पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता प्रदान करे
मीडिया से बातचीत में सांसद पप्पू यादव ने कहा, अपराधियों, माफियाओं, सेक्स रैकेट चलाने वालों, शराब माफिया और जमीन माफियाओं को बचाने का काम हो रहा है। मैं कहना चाहता हूं कि पटना के जितने जमीन माफिया, बालू माफिया, सेक्स रैकेट माफिया, शराब माफिया और ड्रग्स माफिया हैं, पुलिस उनसे मिली हुई है। ऐसा लगता है कि यही लोग धंधा चलाएंगे और वसूली करेंगे, जबकि आम आदमी की सुरक्षा थाना नहीं करेगा। उन्होंने सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखते हुए कहा, "मामले की अविलंब स्पीडी ट्रायल कराकर दोषियों को फांसी की सजा दिलाई जाए। जिस वीसी का नाम सामने आया है, वह जल्लाद की तरह है। जिस तरह, मेरे आरोप के अनुसार, किन्नर और वीसी ने चार दिनों तक मेरे बच्चे को प्रताड़ित किया, तेजाब डाला और उसे यातनाएं दीं, उन्हें ऐसी कठोर सजा मिले कि भविष्य में किसी मां की उम्मीद और किसी बेटी का सिंदूर न उजड़े। पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से कम से कम एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। जो बेटी विधवा हो गई है, उसे हर हाल में सरकारी नौकरी दी जाए तथा पूरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 72 घंटे के भीतर वीसी की गिरफ्तारी की जाए।"
मुख्यमंत्री से अपील करते हुए पप्पू यादव ने कहा, मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि पटना, नालंदा, हाजीपुर, बख्तियारपुर और अन्य स्थानों में चल रहे सेक्स रैकेट का पूरी तरह सफाया किया जाए। यह सरकार कर सकती है और हमें सरकार से यही अपेक्षा है। आज एक व्यक्ति, बंटी, अपनी जान गंवा चुका है। इससे बड़ी घटना और क्या हो सकती है? सरकार का कोई मंत्री तक इस पर नहीं बोला। आपने पीड़ित परिवार से मुलाकात तक नहीं की। जक्कनपुर थाना और कोतवाली थाना की भूमिका की पूरी जांच होनी चाहिए। जिन पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की इसमें संलिप्तता पाई जाए, उन्हें बर्खास्त किया जाए। यही मेरी मांग है।
सांसद ने आरोप लगाया कि एक थाना, नेता, पदाधिकारी और माफिया, इनकी मिलीभगत से यह सब चल रहा है। जब से शराबबंदी हुई है, बाहर से आने वाले मेहमानों का होटल व्यवसाय प्रभावित हुआ। इसके बाद, मेरे आरोप के अनुसार, कई होटलों, सैलून और मसाज पार्लरों में सेक्स रैकेट का धंधा शुरू हो गया। कल नौबतपुर में लड़की पकड़ी गई। कुछ दिन पहले सासाराम में लड़की पकड़ी गई। हाजीपुर के कई होटलों में लड़कियां पकड़ी गईं। दरभंगा में भी लड़कियां पकड़ी गईं। पटना में कई बार परीक्षा देने आई मासूम बच्चियों के साथ होटल मालिकों और अन्य लोगों द्वारा दुष्कर्म का प्रयास किए जाने के आरोप सामने आए हैं। मेरे आरोप के अनुसार, शराब और लड़कियों का अवैध कारोबार चल रहा है। अधिकांश मसाज पार्लरों में सेक्स रैकेट संचालित हो रहा है। ऐसा कौन-सा थाना है जिसे इसकी जानकारी नहीं है?
उन्होंने आगे कहा, मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि सबसे पहले बेटियों की सुरक्षा का संकल्प लें और इस सेक्स रैकेट माफिया तंत्र को समाप्त करें। दस दिनों तक पुलिस की नींद नहीं टूटी। जब यह घटना हुई, तब रातों-रात कार्रवाई शुरू हुई। अब कुछ छोटी मछलियों को निलंबित किया गया है। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या थानेदारों ने पहले ही होटल और मसाज पार्लर संचालकों को सूचना दे दी थी? इसलिए वहां कुछ नहीं मिला। सभी होटलों, हॉस्टलों और गर्ल्स हॉस्टलों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाए। सरकार बताए कि इन संस्थानों में कौन-कौन से नियम लागू हैं और सीसीटीवी कैमरे महीनों पहले से बंद कैसे पड़े रहते हैं?
पप्पू यादव ने कहा, कुछ दिन पहले मेरे भाई, जिसकी हत्या हुई, बंटी ने थाना को लिखित सूचना दी थी कि उस गली में अवैध गतिविधियां, किन्नरों और लड़कियों के माध्यम से गलत धंधा चल रहा है। उन्होंने माफियाओं और अपराधियों के नाम भी लिखे थे। उन्होंने वीसी, मिमिश, मोनी सहित अन्य लोगों का नाम लिया था। मेरे आरोप के अनुसार, वीसी पहले भी तीन-चार हत्याओं में शामिल रहा है। जब पुलिस को पहले ही लिखित सूचना दे दी गई थी, तब कार्रवाई क्यों नहीं हुई? सुरक्षा की मांग करने के बावजूद कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया?
अपने वक्तव्य के अंत में सांसद ने कहा, एक साधारण लड़का अपनी बहनों और बेटियों की इज्जत की रक्षा के लिए इतना बड़ा कदम उठा सकता है। उसने अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे मोहल्ले की मां-बहनों और बेटियों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई और अपनी जान गंवा दी। कुछ दिनों बाद इस परिवार को देखने वाला भी कोई नहीं बचेगा। यदि सेवन स्टार और फाइव स्टार होटलों को छोड़ दें, तो मेरे आरोप के अनुसार, बिहार में बड़ी संख्या में बिना लाइसेंस होटल चल रहे हैं और उनमें से कई सेक्स रैकेट में शामिल हैं। पटना में अपहरण हुआ, लेकिन पुलिस को कुछ नहीं मिला। परिवार, मोहल्ले के लोगों और दोस्तों ने शव बरामद किया। जिन लोगों ने मुखबिरी की और अपहरणकर्ताओं को पकड़ा, उन्हें भी समाज के लोगों ने पुलिस के हवाले किया। यदि यह काम भी जनता को करना पड़े, तो फिर पुलिस क्या करेगी?