अच्छी खबर: रूफटॉप सोलर लगाने पर उपभोक्ताओं को मिलेगी 20 हजार रुपये तक अतिरिक्त सहायता

बिहार सरकार ने स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।

बिहार सरकार ने स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने वाले  उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए बिहार में केन्द्र सरकार की CFA के अतिरिक्त 10,000 प्रति किलोवाट अधिकतम 20,000 रूपये की राज्य सहायता दी जायेगी। इससे उपभोक्ताओं पर सोलर प्लांट लगाने का शुरुआती खर्च कम होगा और अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। 

एक किलोवाट पर कुल 40 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 30 हजार और राज्य सरकार की ओर से 10 हजार रुपये शामिल हैं। वहीं दो किलोवाट पर कुल 80 हजार रुपये की सहायता मिलेगी, जिसमें केंद्र के 60 हजार और राज्य के 20 हजार रुपये शामिल हैं। तीन किलोवाट एवं उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट पर कुल 98 हजार रुपये तक की सहायता मिलेगी। इसमें केंद्र की ओर से 78 हजार और राज्य की ओर से 20 हजार रुपये शामिल है।

रूफटॉप सोलर लगाने के इच्छुक उपभोक्ताओं के लिए पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत कम ब्याज दर पर बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है। योजना के अंतर्गत 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम की स्थापना के लिए बिना गारंटी के 5.75 प्रतिशत ब्याज दर पर 2 लाख रूपये तक का ऋण प्राप्त किया जा सकता है। राज्य सरकार की अतिरिक्त वित्तीय सहायता और कम ब्याज दर पर उपलब्ध ऋण की सुविधा से उपभोक्ताओं के लिए सोलर प्लांट की स्थापना की प्रारंभिक लागत को वहन करना और आसान होगा। बिहार में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए पहले से ही केंद्र की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना लागू है। 

योजना के तहत अब तक कंपनियों द्वारा करीब 26 हजार उपभोक्ताओं के परिसरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। केंद्र की वित्तीय सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से सहायता मिलने से योजना को और गति मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार का मानना है कि अतिरिक्त वित्तीय सहायता से उपभोक्ताओं की प्रारंभिक लागत कम होगी और अधिक संख्या में लोग अपने घरों की छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए आगे आयेंगे। इससे बिजली की जरूरत का एक हिस्सा घर पर ही सौर ऊर्जा से पूरा किया जा सकेगा। प्रस्तावित राज्य वित्तीय सहायता का लाभ "पहले आओ पहले पाओ" के आधार पर अधिकतम पांच लाख पात्र आवासीय उपभोक्ताओं तक सीमित रहेगा। राज्य सरकार पर पड़ने वाला वास्तविक वित्तीय भार लाभान्वित उपभोक्ताओं की संख्या और स्थापित रूफटॉप सोलर क्षमता पर निर्भर करेगा। प्रस्तावित राज्य वित्तीय सहायता के तहत राज्य सरकार पर 1,000 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है।  

ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि बिहार सरकार का यह निर्णय स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रूफटॉप सोलर लगाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहायता मिलने से सोलर प्लांट लगाने की शुरुआती लागत कम होगी। हमारा लक्ष्य है कि अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ें, अपनी बिजली की जरूरत स्वयं पूरा करें और बिजली खर्च में बचत का लाभ प्राप्त करें।

ऊर्जा सचिव और बीएसपीएचसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने कहा कि रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली अतिरिक्त वित्तीय सहायता से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन को और गति मिलेगी। अधिकतम पांच लाख पात्र आवासीय उपभोक्ताओं को इसका लाभ दिया जाएगा। विभाग द्वारा योजना के क्रियान्वयन की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि पात्र उपभोक्ताओं को समय पर सहायता का लाभ मिले और राज्य में रूफटॉप सोलर की स्थापना का लक्ष्य तेजी से पूरा हो। सरकार के इस निर्णय से बिहार में हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली खर्च में कमी आने और सौर ऊर्जा के उपयोग को व्यापक बनाने में मदद मिलेगी।