पटना: बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। राज्य सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति (संशोधित) 2026 के तहत अक्टूबर तक विभाग को करीब 2 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। ये आवेदन दो पहिया और चार पहिया ईवी वाहनों की खरीद पर अनुदान के लिए आए हैं। इनके विरुद्ध 16 लाख रुपए से अधिक का अनुदान लोगों को दिया जा चुका है। विभाग के अनुसार, यह संख्या गूगल फॉर्म पर प्राप्त आवेदनों की है। इनमें से कुछ आवेदनों को आवश्यक दस्तावेज की कमी के कारण खारिज कर दिया गया है। ऐसे आवेदक केवल छूटे हुए दस्तावेज को अपलोड कर दें, जिसके बाद अनुदान की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
अब एक हफ्ते में पूरी होगी अनुदान की प्रक्रिया- मंत्री
परिवहन विभाग के मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदार को अब अनुदान के लिए महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अनुदान की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने के लिए परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/transport/CitizenHome.html पर सुविधा शुरू की है।
इस नई व्यवस्था से अब अनुदान मात्र सात कार्यदिवस में मिल जाएगा। पहले वाहन मालिकों से गूगल फॉर्म के जरिये आवेदन लिया जा रहा था, जिस कारण अनुदान की प्रक्रिया में एक से तीन माह का समय लग रहा था। आवेदन की संख्या बढ़ने के बाद इसमें समस्या आने लगी।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार में ई-वाहन को प्रोत्साहित करना है। इसके लिए अनुदान की प्रक्रिया को आसान किया गया है। ई-वाहन खरीददार आवेदन के समय सही आधार नंबर एवं आरसी दस्तावेज का ध्यान रखें।
अनुदान के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी)
- कैंसिल चेक
- जाति प्रमाण पत्र
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन के समय सभी दस्तावेज साफ और सही होने चाहिए। गलत या अधूरे दस्तावेज पर आवेदन अटक सकता है।