पटना: बिहार प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधि महासंघ द्वारा राज्य के पंचायती राज विभाग से अपनी मांगों को लेकर कई सवाल किए गए थे। अब विभागीय स्तर पर इन सवालों के बारे में जानकारी दी गयी है।
गुरुवार को विभाग द्वारा यह जानकारी दी गयी कि बिहार में पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने तथा ग्रामीण विकास को वास्तविक गति देने के लिए पंचायती राज विभाग, बिहार सरकार निरंतर ठोस एवं परिणामोन्मुख कार्य कर रहा है। विगत दिनों में बिहार प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधि महासंघ द्वारा विभाग के संज्ञान में लाए गए विभिन्न मुद्दों के संबंध में विभाग वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए उठाए गए मुद्दों पर की गई कार्रवाई एवं वर्तमान स्थिति से संघ को अवगत कराना चाहता है। 16वें वित्त आयोग की राशि, छठे राज्य वित्त आयोग की राशि, ग्राम सभा के अधिकार, OSR नियमावली, पटना जिला पंचायत राज कार्यालय/जिला परिषद का मामला, पंचायत सरकार भवन एवं कन्या विवाह मंडप राशि, ग्राम कचहरी का सशक्तिकरण, सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान से संबंधित विषयों पर वस्तुस्थिति निम्नानुसार है।
16वें वित्त आयोग की राशि एवं बैंक खाता: वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में पंचायतों की निधि प्रबंधन हेतु भारतीय स्टेट बैंक का चयन निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया है। वहीं, भारत सरकार के दिनांक- 31.08.2026 पत्र द्वारा 16वें वित्त आयोग में अनुदानों के लिए PFMS से लिंक किसी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक में ब्याज अर्जित करने वाला बैंक खाता खोले जाने का दिशा-निदेश निर्गत किया गया है। पंचायतों के लेन-देन में पारदर्शिता एवं वित्तीय अनुशासन हेतु एक ही बैंक को प्राधिकृत किया गया है।
छठे राज्य वित्त आयोग की राशि: वित्तीय वर्ष 2026-27 में षष्ठम् राज्य वित्त आयोग के तहत ₹1,850 करोड़ की राशि विभिन्न मदों में विमुक्त की गई है। इसमें कार्यपालक सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, तकनीकी सहायक एवं लेखापाल के मानदेय, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के नियत (मासिक) भत्ते, मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के अनुरक्षण, पंचायत सरकार भवनों तथा मोक्षधाम/ श्मशान घाट/शवदाह गृह एवं मुक्तिधाम के निर्माण हेतु राशि शामिल है। षष्ठम् राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुरूप शेष देय राशि की विमुक्ति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
ग्राम सभा के अधिकार: 16वें वित्त आयोग के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अनटाइड अनुदान (50%) के रूप में अनुशंसित है, जिसे संविधान के 11वीं अनुसूची में उल्लिखित 29 विषयों के अंतर्गत संबंधित विभागों के परामर्श से कार्यों/ गतिविधियां को शामिल कर योजना का क्रियान्वयन किया जाना है। यह संकेतात्मक सूची है तथा सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रख कर योजनाओं को सूची में शामिल किया गया है।
OSR नियमावली: दिनांक 15.07.2026 को आहूत मंत्रिपरिषद् की बैठक में बिहार ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली, 2026 बनाये जाने हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है। अधिसूचना निर्गत किये जाने के संदर्भ में उच्चस्तरीय निर्णय प्रक्रियाधीन है।
जिला पंचायत राज कार्यालय/जिला परिषद मामला: जिला पंचायत राज कार्यालय, पटना में पाई गई अनियमितताओं की जांच हेतु विभाग द्वारा पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया। प्राप्त जांच प्रतिवेदन की समीक्षा के उपरांत नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) का कार्यालय, नई दिल्ली से वितीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के गई दौरान जिला पंचायत राज कार्यालय, पटना के वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में "विशेष अंकेक्षण" कराये जाने का अनुरोध किया गया है। साथ ही विभाग द्वारा जिला पदाधिकारी, पटना से जिला पंचायत कार्यालय, पटना के वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में संबंधित पदाधिकारियों/ कर्मियों की जबावदेही तय कर दोषी पदाधिकारी/कर्मियों पर कार्रवाई किये जाने का निदेश दिया गया है।
पंचायत सरकार भवन एवं कन्या विवाह मंडप राशि: ग्राम पंचायतों द्वारा निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन निर्माण हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभाग द्वारा कुल ₹217.5 करोड़ एवं कन्या विवाह मंडप निर्माण हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में कुल ₹123.53 करोड़ की राशि की स्वीकृति प्रदान की गयी है। विभाग स्तर पर ₹150.00 करोड़ राशि का आवंटन प्रक्रियाधीन है।
ग्राम कचहरी का सशक्तिकरण: ग्राम कचहरियों को प्रशासनिक व्यय हेतु ₹4,000 रुपए प्रतिवर्ष उपलब्ध कराया जाता है। त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं एवं ग्राम कचहरी के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के नियत (मासिक) भत्ते के भुगतान हेतु सितंबर 2026 तक का आवंटन सभी जिलों को उपलब्ध कराया गया है। जिलों से प्राप्त सूचना के अनुसार जुलाई 2026 तक का भुगतान किया जा चुका है। ग्राम कचहरी के नोटिस के तामिला चौकीदारों के माध्यम से कराए जाने हेतु सभी जिलाधिकारी को मुख्य सचिव के स्तर से निदेश दिया गया है।
सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान: अभियान के तहत कायाकल्प पोर्टल पर विभाग एवं अन्य विभाग के संबंधित अंतर्गत नए आधारभूत संरचना एवं upgradation, strengthening and Repair of Pre-existing Assets से संबंधित कुल 28,573 योजनाओं को अपलोड किया गया है। इस अभियान के क्रियान्वयन हेतु विभाग स्तर से जिला पदाधिकारी एवं जिला पंचायती राज पदाधिकारी को निर्देश निर्गत किया गया है। इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु योजना संबंधी पोर्टल को 20 अक्टूबर तक खोला गया है, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई तकनीकी परेशानी नहीं हो।
ज्ञात हो कि बिहार प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधि महासंघ द्वारा इन मामलों को उठाया गया था। जिसके बाद अब विभागीय स्तर पर यह जानकारी दी गयी है।