सवालों पर घिरी सरकार कटघरे में सिस्टम, तब नीतीश फंसे तो अब सम्राट! सोनू से आदित्य तक...

बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच छह साल का आदित्य कुमार खूब चर्चा में है। 4 साल पहले नालंदा के एक गांव में पांचवीं कक्षा के सोनू कुमार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने सिस्टम की नाकामी लेकर सवाल खड़े किए थे।

बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच छह साल का आदित्य कुमार खूब चर्चा में है।  इस बच्चे को वायरल बॉय के नाम से जाना जा रहा है। पहली कक्षा में पढ़ने वाला आदित्य कुमार संविधान की किताब अपनी बैग में रखता है और वर्तमान सरकार से सवाल करता है। सीएम सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करता है। लगभग चार साल पहले भी ऐसी ही एक आवाज उठी थी नालंदा के एक गांव में…पांचवीं कक्षा के सोनू कुमार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने सिस्टम की नाकामी को लेकर सवाल खड़े किए थे और चर्चा में रहे थे। दो अलग-अलग समय, दो अलग-अलग मुख्यमंत्री, दो अलग-अलग सरकारें और मुद्दे भी अलग लेकिन दोनों घटनाओं में एक बात समान है...सवालों पर सरकार घिरी है और सिस्टम कटघरे में है! 

चार साल पहले 2022 में नालंदा में पांचवीं कक्षा के सोनू कुमार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सरकारी स्कूलों में शिक्षक न आना, अंग्रेजी न आना और शराबबंदी के बावजूद पिता द्वारा कमाई शराब में उड़ाने की शिकायत लेकर सीधे मुख्यमंत्री से सवाल पूछ लिया था। हाथ जोड़कर, कैमरे के सामने, बिना किसी डर के… बेबाक और बेधड़क होकर...

बात 14 मई 2022 की है…तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पत्नी दिवंगत मंजू सिन्हाकी पुण्यतिथि पर पैतृक गांव नालंदा में हरनौत के कल्याण बीघा पहुंचे थे। इसी दौरान वे वहां स्थानीय लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। तभी नीमा कौल गांव का रहने वाला एक बच्चा भीड़ से चिल्लाया…”सर सुन लीजिए ना, छोटे बच्चे की गुहार है…” नीतीश कुमार जैसे ही उसके पास मुड़े, सोनू ने हाथ जोड़कर सीधे कैमरे और मुख्यमंत्री के सामने उसने गुहार लगाई- “सर, हमको प्राइवेट स्कूल में दाखिला दिला दीजिए, हमें पढ़-लिखकर IAS-IPS बनना है।

तब सोनू ने बिहार में लचर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह सरकारी स्कूल में पढ़ता है जहां शिक्षक ठीक से नहीं पढ़ाते, उन्हें खुद अंग्रेजी नहीं आती और वे समय पर नहीं आते। वहीं उसने नीतीश कुमार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना ‘शराबबंदी’ पर चोट करते हुए कहा कि उसके पिता शराब पीते हैं और जो भी पैसा कमाते हैं, उसे शराब में उड़ा देते हैं, जिससे उसकी पढ़ाई के लिए पैसे नहीं बचते। 

बच्चे की इस बेबाकी को देखकर नीतीश कुमार हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत अपने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चे की पढ़ाई का इंतजाम कराया जाए। नीतीश कुमार के निर्देश के बाद बच्चा का परिचय सामने आया तो पता लगा कि वह नीमा कौल गांव का रहने वाला 5वीं क्लास का छात्र सोनू कुमार है। वीडियो वायरल होने के अगले ही दिन से देश भर के नेता और हस्तियां सोनू के घर पहुंचने लगे। पप्पू यादव, सुशील कुमार मोदी, और चिराग पासवान जैसे नेताओं ने उसके घर का दौरा किया और आर्थिक मदद दी। सोनू की पढ़ाई को लेकर कई संस्थानों और लोगों ने मदद की. कोटा के एलन करियर इंस्टीट्यूट ने भी उसकी आगे की पढ़ाई, रहने और खाने की जिम्मेदारी लेने की घोषणा की। 

अब 2026 में पटना के छात्र आंदोलन के बीच छह साल के आदित्य कुमार का चेहरा सामने आया है। पहली कक्षा में पढ़ने वाला आदित्य आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचा और सरकार के सामने सवाल खड़े किए हैं। गर्दनीबाग धरना स्थल पर उसने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों के साथ सड़क पर दिखाई दिया। पुलिस उसे थाने ले गई, जहां उसे करीब पांच घंटे रखा गया।  सवाल तो चार साल पहले सोनू के भी वही थे और अब आदित्य के भी वही…खास बात दोनों ही मामलों में कटघरे में सिस्टम और सरकार खड़ी है. तब सवाल शिक्षा और शराबबंदी पर था, अब परीक्षा और पेपर लीक पर…