बिहार में निवेश को नई रफ्तार! अब सिर्फ 30 दिन में लगेगा उद्योग, सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला

बिहार में उद्योग लगाने को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए 30 दिनों में सभी स्वीकृतियां देना अनिवार्य कर दिया है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jun 09, 2026, 4:00:00 PM

बिहार में उद्योग लगाने को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए 30 दिनों में सभी स्वीकृतियां देना अनिवार्य कर दिया है। तय समय पर फैसला न होने पर ऑटोमैटिक 'डीम्ड क्लीयरेंस' मिलेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में उद्योग लगाने की प्रक्रिया को और आसान बनाया जा रहा है। सरकार निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है। 

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को और सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बना रही है। सरकार का उद्देश्य है कि उद्योग लगाने के इच्छुक लोगों को अनावश्यक देरी और जटिल सरकारी प्रक्रियाओं का सामना न करना पड़े। नई व्यवस्था के तहत SIPB सचिवालय किसी निवेश प्रस्ताव की तकनीकी जांच और अनुशंसा करने के बाद संबंधित विभाग या सक्षम प्राधिकार को 30 दिनों के भीतर, या तय समय-सीमा में मंजूरी देनी होगी।  

सीएम सम्राट चौधरी ने साफ कहा है कि यह 30 दिनों की समय-सीमा केवल कोई प्रशासनिक निर्देश नहीं है, बल्कि यह कानूनी रूप से बाध्यकारी है। अगर कोई विभाग या अधिकारी इस तय समय के भीतर फाइल पास करने में फेल रहता है, तो निवेशकों के हक में SIPB सचिवालय द्वारा 'डीम्ड क्लीयरेंस' जारी कर दी जाएगी। इस सरकारी आदेश को मानना संबंधित विभाग के लिए बिल्कुल अनिवार्य होगा और उस पर दोबारा कोई पुनर्विचार नहीं किया जा सकेगा। 

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि औद्योगिक प्रगति की दिशा में बिहार ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अब राज्य में नए उद्योगों की स्थापना के लिए आवश्यक स्वीकृतियां मात्र 30 दिनों के भीतर प्रदान की जाएंगी। निवेशकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से सिंगल विंडो प्रणाली की दिशा में बढ़ते हुए राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) सचिवालय को एकल नोडल एजेंसी के रूप में अधिकृत किया गया है। इस व्यवस्था से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और अनुमोदन प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी एवं समयबद्ध होगी।

सीएम ने कहा कि यह निर्णय न केवल निवेश को बढ़ावा देगा, बल्कि नए उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और बिहार की आर्थिक प्रगति को भी नई गति प्रदान करेगा। निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों के साथ बिहार विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार को देश और दुनिया के निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और पसंदीदा निवेश केंद्र बनाना है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से राज्य में नए उद्योग लगेंगे, निवेश बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।