पूर्व विधान परिषद् सदस्य देवेश कुमार ने आज (4 सितंबर 2026) बिहार राज्य योजना पर्षद के उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर योजना एवं विकास विभाग तथा बिहार राज्य योजना पर्षद के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पदभार ग्रहण समारोह में , योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव, डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, सचिव कंवल तनुज, बिहार राज्य योजना पर्षद के अपर सचिव श्याम बिहारी मीणा सहित अन्य गणमान्य अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने देवेश कुमार का स्वागत किया तथा उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों के साथ राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों तथा बिहार राज्य योजना पर्षद की भावी भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया।
पदभार ग्रहण करने के उपरांत श्री देवेश कुमार ने कहा कि बिहार राज्य योजना पर्षद राज्य के विकास की दिशा तय करने और विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक एवं समावेशी विकास की रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राज्य में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर एवं प्रभावी उपयोग के साथ विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पर्षद की भूमिका को और सुदृढ़ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बिहार तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और विकसित बिहार@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सुनियोजित, साक्ष्य-आधारित और दीर्घकालिक योजना निर्माण आवश्यक है। योजना पर्षद राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विकास की प्राथमिकताओं, नीतियों एवं योजनाओं पर आवश्यक सुझाव और मार्गदर्शन प्रदान करेगी।
उल्लेखनीय है कि बिहार राज्य योजना पर्षद का गठन वर्ष 1972 में किया गया था। पर्षद राज्य की वार्षिक एवं दीर्घकालीन योजनाओं के सूत्रण, अध्ययन, शोध और विभिन्न विकास कार्यक्रमों की समीक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राज्य में उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति को राज्य की विकास प्रक्रिया से जोड़ने में भी पर्षद की महत्वपूर्ण भूमिका है।
बिहार राज्य योजना पर्षद राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की प्रगति का अध्ययन कर विकास से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान करती है। बदलती विकास आवश्यकताओं और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पर्षद राज्य के लिए प्रभावी एवं दूरदर्शी योजना निर्माण में अपनी भूमिका निभाती रही है।
देवेश कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित विभागों, विशेषज्ञों और अधिकारियों के सहयोग से बिहार राज्य योजना पर्षद राज्य के समग्र, संतुलित, समावेशी एवं सतत विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में और प्रभावी भूमिका निभाएगी।