बिहार सरकार ने राज्य में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। सरकार अब सभी जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़कों के जरिए जोड़ने की योजना पर तेजी से काम करेगी। इस संबंध में मंगलवार को पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को विभिन्न सड़क परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्ग से जुड़ी योजनाओं को तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क राज्य के विकास, निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देगा।
सरकार की प्राथमिकता केवल जिला मुख्यालयों तक सीमित नहीं रहेगी। पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले क्षेत्रों, औद्योगिक कॉरिडोर, कृषि उत्पादन केंद्रों और बड़े बाजारों को भी आधुनिक फोरलेन सड़कों से जोड़ने की योजना तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि इससे परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरा कर लिया जाए। साथ ही पुलों की मजबूती और निर्माण गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
विक्रमशिला पुल के स्थायी पुनर्निर्माण को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि भविष्य में यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
सरकार का मानना है कि सड़क संपर्क में सुधार से राज्य में निवेश आकर्षित होगा, उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।