बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी “हर घर नल का जल” योजना राज्य में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मुताबिक, राज्य के 93 प्रतिशत से अधिक घरों तक अब शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा चुका है। विभागीय मंत्री संजय सिंह ने प्रेस वार्ता में कहा कि इस योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है और सरकार हर परिवार तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य पर लगातार काम कर रही है।
विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2016 में राज्य में केवल करीब 2.66 लाख परिवारों को ही नल से जल की सुविधा मिल रही थी। अब यह संख्या बढ़कर 1.87 करोड़ से अधिक परिवारों तक पहुंच गई है। सरकार आने वाले समय में इस योजना का दायरा बढ़ाकर लगभग 2.02 करोड़ परिवारों तक पहुंचाने की तैयारी में है।
राज्य के एक लाख से अधिक वार्डों में पाइपलाइन आधारित जलापूर्ति योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जल गुणवत्ता से प्रभावित इलाकों को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने आर्सेनिक, फ्लोराइड और आयरन प्रभावित क्षेत्रों में विशेष परियोजनाएं लागू की हैं। इन इलाकों में सतही जल स्रोतों पर आधारित बहुग्रामीण योजनाओं को विकसित किया जा रहा है ताकि लोगों को सुरक्षित पानी मिल सके।
भागलपुर, वैशाली, बक्सर, बेगूसराय, भोजपुर, नालंदा और नवादा सहित कई जिलों में गंगा, सोन और अन्य नदियों से जल आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में बड़े स्तर पर काम किया गया है। कुछ परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि कई योजनाओं पर तेजी से निर्माण कार्य जारी है।
जल आपूर्ति प्रणाली की निगरानी को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए विभाग ने राज्य से अनुमंडल स्तर तक प्रयोगशालाओं का नेटवर्क विकसित किया है। इन प्रयोगशालाओं में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानकों के अनुसार पानी की नियमित जांच की जा रही है। शिकायतों के समाधान के लिए CGRC व्यवस्था, मोबाइल एप और व्हाट्सएप आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे लोगों की समस्याओं का शीघ्र निपटारा हो सके।
अगस्त 2025 से मई 2026 के बीच करीब 1.5 लाख शिकायतों का समाधान किए जाने का दावा विभाग ने किया है। इसके अलावा IoT तकनीक आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग, PayJal ऐप और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजनाओं की सतत निगरानी की जा रही है।
भीषण गर्मी और हीट वेव की स्थिति को देखते हुए सरकार ने 475 वाटर टैंकर और 15 वाटर एटीएम की व्यवस्था की है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में जलदूतों की तैनाती भी की गई है ताकि लोगों तक समय पर पानी पहुंच सके। विभाग ने अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 100 नए वाटर एटीएम स्थापित करने और खराब जलापूर्ति व्यवस्थाओं को 24 घंटे के भीतर दुरुस्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।