बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। विशेष भूमि सर्वेक्षण और राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने सम्राट सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बिहार सरकार ने बिहार राजस्व सेवा के 61 अधिकारियों का तबादला किया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से इसको लेकर अधिसूचना जारी की गई है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार विभिन्न जिलों और बंदोबस्त कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। इस बड़े फेरबदल को राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण अभियान को गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड के अद्यतन, सर्वेक्षण कार्य में तेजी और राजस्व प्रशासन को अधिक मजबूत बनाना बताया जा रहा है।
इस प्रशासनिक बदलाव के तहत 23 सहायक बंदोबस्त पदाधिकारियों का भी तबादला किया गया है। वहीं 18 जिला भू अर्जन पदाधिकारियों को जिला बंदोबस्त कार्यालयों में प्रतिनियुक्त किया गया। जबकि 20 राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो का भी स्थानांतरण किया गया। शिवहर भेजे गए जिला भू अर्जन पदाधिकारी राजेश कुमार सिंह को मुख्यालय वापस बुलाया गया। उन्हें हाल ही में जिला भू अर्जन पदाधिकारी के रूप में शिवहर भेजा गया था, लेकिन अब विभाग ने उन्हें वापस मुख्यालय बुला लिया है। विशेष भूमि सर्वेक्षण कार्य में तेजी लाने के लिए यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है।
विभाग भूमि विवादों को कम करने, रिकॉर्ड को डिजिटल और अद्यतन बनाने तथा आम लोगों को भूमि संबंधी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में अधिकारियों की नई तैनाती से कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन दोनों में सुधार आने की उम्मीद है।
इस बीच राज्य सरकार का एक अन्य महत्वपूर्ण फैसला भी लागू हो गया है। एक जून से बिहार में 10 कर्मियों तक वाले प्रतिष्ठानों को निबंधन की अनिवार्यता से छूट दे दी गई है। सरकार का यह फैसला 1 जून से लागू हो चुका है। छोटे कारोबारियों को राहत, निवेश और व्यवसाय को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।