एमएस कॉलेज, मोतिहारी में अपराध की बड़ी साजिश रच रहे बदमाशों की सूचना ने शहर में सक्रिय एक चोर गिरोह का राज खोल दिया। नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घरों की रेकी कर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी के आभूषणों को गलाकर तैयार किया गया सोने जैसा पीला पदार्थ, नकदी, ताला तोड़ने के औजार, मास्टर चाबियां, मोबाइल फोन और रेकी व चोरी के सामान की ढुलाई में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन बरामद किए गए हैं।
सदर SDPO दिलीप कुमार ने बताया कि 27 अगस्त को गुप्त सूचना मिली थी कि एमएस कॉलेज परिसर में कुछ अपराधी किसी बड़े अपराध की योजना बनाने के लिए जुटे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर टीम का नेतृत्व करते हुए में छापेमारी किया गया। टीम ने एमएस कॉलेज के अलावा छतौनी बस स्टैंड और सोनारपट्टी इलाके में भी छापेमारी की।
पुलिस की छापेमारी के साथ तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया। जांच के दौरान पता चला कि गिरोह के सदस्य मोतिहारी शहर समेत जिले के अलग-अलग इलाकों में घरों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया जाता था। चोरी के सामान को वाहनों के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो चारपहिया वाहन, एक हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल और एक टीवीएस जुपिटर स्कूटी बरामद की है। इसके अलावा करीब 66.07 ग्राम सोने जैसा दिखने वाला पदार्थ, चांदी जैसा दिखने वाली दो कटोरी और दो अन्य धातु के सामान मिले हैं।
ताला तोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले तीन लंबे लोहे के औजार, बड़ा पेचकस, प्लास और 15 मास्टर चाबियां भी पुलिस के हाथ लगी हैं। इनके अलावा आठ मोबाइल फोन, 60 हजार रुपये नकद, मास्क और चेहरे को ढकने वाला काला कपड़ा बरामद किया गया है। रेकी के दौरान पहचान छिपाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पुराने शर्ट और हाफ पैंट भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू कुमार (26), रूस्तम अली (47), बिट्टू मियां (32), परवेज आलम (34), राजा कुमार (26), जितेंद्र कुमार (40) और रोहित राज (26) के रूप में हुई है। सभी अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह की गतिविधियों का मुख्य तरीका पहले घरों की रेकी करना और फिर मौका मिलते ही चोरी की वारदात को अंजाम देना था। बरामद वाहनों का इस्तेमाल रेकी और चोरी के सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में किया जाता था। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
पूछताछ के आधार पर जिले में हुई चोरी की अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच की जा रही है। गिरोह के खुलासे के बाद मोतिहारी शहर में सक्रिय चोरी के नेटवर्क में हड़कंप मचा हुआ है।
मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट