बड़ी ख़बर पश्चिम चंपारण जिले के बगहा से है, जहां रामनगर, बगहा औऱ धनहा में फ़र्ज़ी अस्पताल संचालन क़र मरीजों की जान माल से खिलवाड़ की शिकायत पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फिलहाल रजिस्ट्रेशन रद्द क़र आगे की कार्रवाई शुरू क़र दिया है। जबकि अस्पताल संचालक की तलाश में पुलिस जुटी हुईं है।
दरअसल बगहा शहर में गांधीनगर चौक पर सरेआम फ़र्ज़ी तरीके से श्री आनंद हॉस्पिटल का संचालन किया जा रहा था। जिसकी शिकायत के बाद उसका रजिस्ट्रेशन रद्द क़र दिया गया है। क्योंकि रामनगर में संजीवनी हॉस्पिटल संचालित क़र जच्चा बच्चा को मौत के घाट उतार दिया गया था। जिसमें केस दर्ज़ होने के बाद आरोपी चिकित्सक औऱ संचालक का जमानत भी ख़ारिज हो गया है।
लिहाजा शिकायत और लिखित आवेदन के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांधीनगर स्थित आनंद हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। अस्पताल के अवैध रूप से संचालन और चिकित्सा कार्य किए जाने की शिकायत पीड़िता शबनम ने ज़िला प्रशासन समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से की थी। जिसके बाद हड़कंप मचा है। बताया जा रहा है कि इस गंभीर मामले में हरनाटांड़ बगहा 2 पीएचसी प्रभारी डॉ. केबीएन सिंह ने सीविल सर्जन कार्यालय बेतिया की ओर से अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने की जानकारी दी है।
साथ ही तत्काल अस्पताल में किसी भी तरह का सर्जरी कार्य नहीं करने का भी निर्देश दिया है। यही वज़ह है कि अस्पताल बंद क़र संचालक औऱ फ़र्ज़ी चिकित्सा कर्मी फ़रार हैं। शिकायत में पूर्व ज़िला परिषद सदस्य औऱ जेडीयू ज़िला महासचिव मोहम्मद कलाम अंसारी औऱ पीड़िता शबनम ने बताया है कि उसकी पुत्री सोनी खातून का ऑपरेशन रामनगर स्थित संजीवनी हेल्थ केयर में कराया गया था।
ऑपरेशन के दौरान पुत्री समेत नवजात की मौत हो गई थी। इसके बाद संबंधित अस्पताल को सील किए जाने और मामले में प्राथमिकी दर्ज होने का उल्लेख भी आवेदन में किया गया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि फेक हॉस्पिटल सील होने के बाद अस्पताल बिना वैध अनुमति के उन्हीं डॉक्टरों द्वारा गाँधीनगर बगहा में संचालित हो रहा है। जहाँ चिकित्सा कार्य किया जा रहा है। जबकि मधुबनी धनहा में भी यहीं चिकित्सा कर्मी धड़ल्ले से फ़र्ज़ी अस्पताल चलाकर लोगों को जान माल का नुकसान पहुंचा रहें हैं।
लिहाजा डीएम समेत सीविल सर्जन से मामले की जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है । ख़ास बात यह है कि लिखित आवेदन के साथ रामनगर थाना कांड संख्या 226/26 की प्राथमिकी और अग्रिम जमानत आवेदन खारिज होने से संबंधित कागजात भी संलग्न किए गए हैं। आवेदन में चिकित्सकों के नाम का भी उल्लेख करते हुए इन विभिन्न अस्पतालों के संचालन और चिकित्सा व्यवस्था की जांच कराने की मांग की गई थी। इस सम्बन्ध में बगहा 2 हरनाटांड़ पीएचसी प्रभारी डॉ. केबीएन सिंह ने बताया है कि सीएस कार्यालय से आनंद हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है।
अस्पताल संचालक को इसकी जानकारी देते हुए तत्काल सभी कार्य बंद रखने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा है कि अगर आदेश के बावजूद अस्पताल में किसी प्रकार का चिकित्सा कार्य या संचालन किया जाता है तो संचालक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग मामले की पूरी निगरानी कर रहा है। अब सवाल यह है की मास्टर माइंड फेक हॉस्पिटल संचालक झोलाछाप नंदलाल यादव आख़िर डॉक्टर शुभदा औऱ डॉक्टर कृति यादव के नाम पर फर्जीवाड़ा क़र कैसे जिले में एक साथ तीन तीन जगहों पर अवैध अस्पताल संचालित क़र रहा था।
इसकी उच्च स्तरीय जाँच क़र इन अस्पतालों को सील करते हुए इस नीम हकीम नेटवर्क में जुड़े फ़र्ज़ी चिकित्सा कर्मियों औऱ दोषी फ़रार चिकित्स्कों की गिरफ़्तारी क़ब तक़ होती है। देखने वाली बात होंगी लेकिन फ़िलहाल इन अस्पताल के रजिस्ट्रेशन रद्द होने से हड़कंप जरूर मचा है।
बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट