पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित बुलेट (कारतूस) बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में निर्मित कारतूस, कारतूस बनाने में प्रयुक्त रसायन, मशीनें और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी चकिया के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम ओझा टोला स्थित एक मकान पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान अवैध फैक्ट्री संचालित होती मिली। पुलिस ने मौके से 34 निर्मित जिंदा कारतूस, 303 बोर के 303 खोखे, 7.62 एमएम का एक जिंदा कारतूस, 205 खाली जिंदा कारतूस के खोल, देसी कट्टा, एयरगन और कारतूस निर्माण में प्रयुक्त नाइट्रिक एसिड, रेड फॉस्फोरस, सल्फ्यूरिक एसिड समेत अन्य रसायन बरामद किए।
इसके अलावा बुलेट बनाने वाली मशीन, ड्रिल मशीन तथा अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रीकांत सिंह, रामबाबू पासवान, बली आलम उर्फ गुन्ना और रहमत मियां के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से अवैध रूप से कारतूस बनाकर विभिन्न क्षेत्रों में आपूर्ति करने का काम कर रहे थे। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियार और कारतूस निर्माण करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। इस कार्रवाई को चकिया पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट