एनजीओ की मनमानी और मजदूरी में कटौती का आरोप, धरने पर सफाइकर्मी

जहानाबाद जिले में नगर परिषद में एनजीओ के माध्यम से कार्यरत दैनिक सफाई कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार से धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

जहानाबाद जिले में नगर परिषद में एनजीओ के माध्यम से कार्यरत दैनिक सफाई कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार से धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सफाई कर्मियों ने नगर परिषद के अधिकारियों को आवेदन देकर उनकी समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की है। धरना जहानाबाद स्थित ठाकुरबाड़ी पानी टंकी के समीप शुरू किया गया, जहां से शहर के विभिन्न इलाकों में सफाई कर्मी कार्य के लिए जाते हैं। सफाई कर्मियों के धरने पर जाते ही शहर में सफाई व्यवस्था के चरमराने की आशंका जतायी जा रही है।

धरना दे रहे सफाई कर्मियों का आरोप है कि एनजीओ के माध्यम से उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप मजदूरी नहीं मिल रही है। कर्मचारियों ने प्रतिदिन कम से कम 624 रुपये मजदूरी देने, समय पर मजदूरी भुगतान करने, पीएफ की राशि का सही तरीके से लाभ दिलाने तथा सफाई कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा सामग्री जैसे हेलमेट, ग्लव्स, साबुन और दस्ताने उपलब्ध कराने की मांग की है। कर्मचारियों ने एनजीओ के सुपरवाइजरों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नए मजदूरों को काम पर रखने के नाम पर कथित तौर पर प्रत्येक मजदूर से दो हजार रुपये तक की मांग की जाती है। कर्मचारियों का आरोप है कि पैसे नहीं देने की स्थिति में पुराने मजदूरों को हटाकर नए लोगों को काम पर रखा जाता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सफाई कर्मियों ने यह भी मांग की है कि उन्हें एनजीओ के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे नगर परिषद के अंतर्गत कार्य कराया जाए। उनका आरोप है कि एनजीओ के माध्यम से काम करने के कारण मजदूरी और अन्य सुविधाओं में मनमानी की जाती है। कर्मचारियों ने संबंधित सुपरवाइजरों को हटाने की मांग भी की है। इन सभी कर्मचारियों का कहना है कि वे शहर की नालियों, शौचालयों, गटर और अन्य गंदे स्थानों की सफाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं और अपने दायित्व से कभी पीछे नहीं हटते। इसके बावजूद उन्हें उनके श्रम का उचित पारिश्रमिक और आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगें जल्द पूरी कर दी जाती हैं तो वे तत्काल काम पर लौटने को तैयार हैं। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी भी दी गई है।

आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सफाई कर्मी शामिल हुए। कर्मचारियों के समर्थन में वामपंथी संगठनों से जुड़े लोग भी धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान सीपीआई के रविंद्र यादव ने भी सफाई कर्मियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए उनकी मांगों को जायज बताया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों के साथ किसी भी स्तर पर अन्याय नहीं होना चाहिए और प्रशासन को उनकी समस्याओं की जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी और जिला प्रशासन को आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कराने तथा मजदूरी, पीएफ, सुरक्षा सामग्री और एनजीओ की कार्यप्रणाली से संबंधित शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

जहानाबाद से बरुण कुमार की रिपोर्ट