ओपीडी सेवा रही बंद, मरीजों को भारी परेशानी, डॉक्टरों ने किया बहिष्कार

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 22, 2026, 11:13:00 AM

जहानाबाद। अरवल जिले के सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर प्रसाद के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और चिकित्सक पर हमले के विरोध में बुधवार को जहानाबाद सदर अस्पताल में एक दिवसीय ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया गया। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर सिविल सर्जन, जहानाबाद के नेतृत्व में डॉक्टरों ने ओपीडी बंद रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। 

इस दौरान अस्पताल में केवल ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं, जबकि इमरजेंसी, प्रसूति वार्ड, शिशु रोग विभाग तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। ओपीडी बंद रहने के कारण इलाज कराने पहुंचे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दूर-दराज के गांवों से आए कई मरीज बिना इलाज कराए वापस लौटने को मजबूर हो गए। 

कुछ मरीजों ने बताया कि उन्हें पहले से इस आंदोलन की जानकारी नहीं थी। कई मरीजों ने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें पहले जांच के बाद आज दोबारा आने के लिए कहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर ओपीडी बंद मिली। उनका कहना था कि यदि एक दिन पहले इसकी सूचना दे दी जाती तो वे किसी अन्य अस्पताल में इलाज करा लेते और अनावश्यक परेशानी से बच जाते। 

सदर अस्पताल कार्यकारी अधीक्षक डॉ चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि अरवल के सिविल सर्जन के साथ हुई घटना के विरोध में डॉक्टरों ने केवल एक दिन के लिए ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया है। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी, प्रसूति एवं शिशु वार्ड सहित सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चालू रखी गई हैं। 

उन्होंने चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध त्वरित और कड़ी कार्रवाई की मांग की। डॉक्टरों का कहना है कि यदि चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।

जहानाबाद से बरुण कुमार की रिपोर्ट