प्रशासन सख्त : दुर्गा पूजा पर DJ पर पूर्ण प्रतिबंध, पंडालों में CCTV व फायर सेफ्टी अनिवार्य

आगामी दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जमुई जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है।

जमुई : आगामी दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जमुई जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। इसी कड़ी में जिले के विभिन्न थानों जमुई, झाझा, सिकन्दरा व चकाई समेत सभी थाना क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों में जिला प्रशासन और पुलिस के वरीय अधिकारियों ने पूजा समितियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों के साथ विस्तार से चर्चा की और शांतिपूर्ण पूजा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

बैठक में प्रशासन ने पूजा समितियों के लिए कई सख्त नियम बनाए हैं

बैठक में प्रशासन ने पूजा समितियों के लिए कई सख्त नियम बनाए हैं, जिसका पालन करना अनिवार्य होगा। अंत में प्रशासन ने आम लोगों और विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे शांति, भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाएं, सड़कों पर तेज रफ्तार से बाइक न चलाएं और प्रशासन का सहयोग करें।

प्रशासन द्वारा जारी प्रमुख दिशा-निर्देश और नियम

1. सुरक्षा एवं निगरानी - सभी बड़े पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही प्रमुख स्थलों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों और विसर्जन घाटों की ड्रोन और वीडियोग्राफी के जरिए निगरानी की जाएगी।

2. डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध - विसर्जन जुलूस और पंडालों में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने या अश्लील गाने बजाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कई जिलों में इसे लेकर पहले से ही सख्ती बरती जा रही है।

3. लाउडस्पीकर व लाइसेंस - सभी समितियों को निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन करना होगा। बिना लाइसेंस के किसी भी पूजा पंडाल का आयोजन नहीं किया जाएगा। लाइसेंस लेना अनिवार्य है।

4. अग्निशमन व स्वास्थ्य सुविधा - हर पूजा पंडाल में सुरक्षा के मद्देनजर अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर), पर्याप्त रोशनी, और श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।

5. अशोभनीय गतिविधियों पर नजर - शराब पीकर हंगामा करने वालों और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। ऐसा करने वालों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

6. भीड़ नियंत्रण और वालंटियर - मेलों और पंडालों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए महिला व पुरुषों के लिए आवाजाही की अलग-अलग व्यवस्था करनी होगी। साथ ही सभी समितियों को प्रशिक्षित वालंटियर तैनात रखने होंगे जो भीड़ को संभाल सकें।

7. कार्यकर्ताओं की सूची अनिवार्य - सभी पूजा समितियों को अपने सदस्यों और कार्यकर्ताओं की सूची उनके आधार कार्ड के साथ संबंधित थाने में जमा करनी होगी, ताकि सत्यापन किया जा सके।

जमुई से हेमंत सक्सेना की रिपोर्ट