स्वराज पोस्ट की खबर का असर, 7 दिन में भोरे में बनी खतरे वाली सड़क

जनसरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाने वाले स्वराज पोस्ट की खबर का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला है। गोपालगंज जिले क़े भोरे ब्लॉक के खजुरहाँ गांव में मौत को दावत दे रही पीसीसी सड़क का मरम्मत कार्य महज 7 दिनों के भीतर पूरा कर लिया गया है।

भोरे (गोपालगंज): जनसरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाने वाले स्वराज पोस्ट की खबर का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला है। गोपालगंज जिले क़े भोरे ब्लॉक के खजुरहाँ गांव में मौत को दावत दे रही पीसीसी सड़क का मरम्मत कार्य महज 7 दिनों के भीतर पूरा कर लिया गया है। सड़क बनने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी उत्साह है और उन्होंने स्वराज पोस्ट व प्रशासन का आभार जताया है।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल,भोरे क़े खजुरहाँ गांव स्थित इस पीसीसी सड़क का निर्माण करीब 6 महीने पहले भोरे प्रखंड प्रमुख राजेश राम क़े द्वारा कराया गया था। लेकिन बीते दिनों बारिस क़े वजह से मिट्टी कटाव के कारण सड़क का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर टूट गया था। इस कारण वहां से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हर पल दुर्घटना का खतरा बना रहता था। स्वराज पोस्ट ने इस जनसमस्या को प्रमुखता से दिखाया और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

प्रशासनिक मुस्तैदी और 7 दिनों में कार्रवाई

खबर प्रसारित होते ही भोरे प्रखंड प्रशासन तुरंत हरकत में आया। भोरे प्रखंड विकास पदाधिकारी मुकेश कुमार ने मामले का त्वरित संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द सड़क दुरुस्त करने के निर्देश दिए। नतीजतन, मात्र एक हफ्ते के भीतर टूटी सड़क का पुननिर्माण पूर्ण कर लिया गया।

हम जनता के सेवक हैं-BDO मुकेश कुमार

सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने पर भोरे प्रखंड विकास पदाधिकारी मुकेश कुमार ने कहा-हम जनता के सेवक हैं और उनकी समस्याओं का समाधान हमारी पहली प्राथमिकता है।स्वराज पोस्ट द्वारा इस टूटी सड़क की खबर दिखाए जाने के बाद तुरंत संज्ञान लिया गया था। आज सड़क का निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है, जिससे अब ग्रामीणों को आवागमन में कोई परेशानी नहीं होगी।

खबर के त्वरित असर और सड़क की मरम्मत होने से खजुरहाँ गांव के लोगों में खुशी की लहर है। ग्रामीण अनिल शाह रामजी भगत. मनीष शर्मा सहित सैकड़ो ग्रामीण का कहना है कि मीडिया और प्रशासन के इस सकारात्मक तालमेल से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट