गोपालगंज शहर की सड़कों पर उस समय लोग हैरान रह गए, जब जिले के दो सबसे बड़े अधिकारी बिना किसी सुरक्षा घेरे और सरकारी गाड़ियों के काफिले के आम इंसान की तरह एक ही बाइक पर सवार होकर सड़कों पर निकल पड़े। डीएम समीर सौरभ और एसपी विनय तिवारी का यह सिंघम अवतार आज पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, शहर की वास्तविक जमीनी हकीकत और आम जनता की समस्याओं को करीब से जानने के लिए दोनों अधिकारियों ने यह अनूठा रास्ता चुना। एसपी विनय तिवारी ने खुद बाइक की कमान संभाली और ड्राइव किया, जबकि डीएम समीर सौरभ उनके पीछे बैठे। दोनों अधिकारी स्थानीय सर्किट हाउस से रवाना हुए और बिना किसी तामझाम के शहर के विभिन्न इलाकों का रुख किया।
डीएम, एसपी ने जिन प्रमुख इलाकों का दौरा किया, उसमें वेयरहाउस और पुलिस लाइन के साथ प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर परिसर पहुंचकर वहां की सुरक्षा, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था, सड़कों के अतिक्रमण और साफ-सफाई की स्थिति को भी मौके पर परखा। प्रशासनिक गलियारों से मिली जानकारी के अनुसार इस औचक बाइक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की वीआईपी औपचारिकता से दूर रहना था। जब अधिकारी भारी सुरक्षा बल के साथ निकलते हैं, तो हकीकत छिप जाती है। बिना किसी पूर्व सूचना के बाइक से निकलने के कारण अधिकारियों को शहर की वास्तविक ट्रैफिक स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और आम जनता को रोज होने वाली दिक्कतों की एकदम सटीक जानकारी मिल सकी।
इस दौरान दोनों अधिकारियों ने मौके पर मौजूद आम लोगों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं को समझा. अधिकारियों के इस जमीनी और सादगी भरे अंदाज की आम जनता जमकर तारीफ कर रही है।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट