भोरे (गोपालगंज): दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में भाकपा माले भोरे अंचल कमिटी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी नता को भंग करने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से चारमोहानी तक आक्रोश मार्च सह अर्थी जुलूस निकाला।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला फूंका और केंद्र सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सह मुखिया कमलेश प्रसाद, राघव प्रसाद सिंह, धर्मेंद्र चौहान, अर्जुन सिंह, एल. बी. सिंह, किसान नेता बजरंग बली कुशवाहा, और इनौस नेता मृत्युंजय कुमार सिंह समेत अन्य स्थानीय नेताओं ने किया।
शिक्षा संकट और निजीकरण पर घेरा...
चारमोहानी चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अंचल सचिव सुबास पटेल एवं अन्य वक्ताओं ने कहा कि:देश की शिक्षा व्यवस्था इस वक्त गंभीर संकट से गुजर रही है। लगातार हो रहे निजीकरण और व्यावसायीकरण के कारण गरीब, दलित, पिछड़े, और मेहनतकश परिवारों के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।
NEET समेत कई बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक ने देश की पूरी परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 23 दिनों से अनशन पर बैठे छात्रों से सरकार वार्ता तक नहीं कर रही है, बल्कि उन पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और तानाशाही को भाकपा माले और छात्र-युवा किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
भाकपा माले ने की यह मांग..
NEET सहित सभी परीक्षा पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें।
विवादों में घिरी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी NTA को तुरंत भंग किया जाए।
नई शिक्षा नीति NEP को वापस लेकर देश में समान, वैज्ञानिक और लोकतांत्रिक शिक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
आगे के आंदोलन की चेतावनी
सभा के अंत में माले नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने शिक्षा पर हो रहे हमलों, पेपर लीक और निजीकरण की नीतियों को वापस नहीं लिया, तो भाकपा माले छात्र-युवाओं के साथ मिलकर इस आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र रूप देगी।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट