भोरे (गोपालगंज): मॉब लिंचिंग, पुलिस दमन, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और सरकार की संविधान-विरोधी नीतियों के विरोध में भाकपा माले ने भोरे बाजार में एक विशाल प्रतिवाद मार्च निकाला। मार्च के बाद भोरे चारमुहानी पर एक सभा आयोजित की गई।
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला कमिटी सदस्य सुबास पटेल ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार कानून और संविधान का मखौल उड़ा रही है। राज्य में दलितों, गरीबों और आम नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। समस्याओं के समाधान के बजाय सरकार दमनकारी नीतियों को बढ़ावा दे रही है।
जिला कमिटी सदस्य रमेश बैठा ने राजगीर में दलित युवकों की कथित मॉब लिंचिंग की घटना को शर्मनाक बताया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं, लालबहादुर सिंह ने नगरनौसा में शिक्षा के लिए आंदोलन कर रहे नागरिकों पर पुलिस दमन और फर्जी मुकदमों की निंदा की।
जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि धर्मेन्द्र चौहान ने 'बुलडोजर राज' और फर्जी मुठभेड़ों के खिलाफ जनता को संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि अगस्त महीने से 'दाम बढ़ाओ , काम दो' और 'लोकतंत्र बचाओ' जैसे मुद्दों पर राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर ललन गुप्ता, राजेश यादव, प्रभात कुमार सिंह, विश्वनाथ गुप्ता, शिवजी बीन, दहारी कुशवाहा, मृत्युंजय कुमार सिंह, हलीम मियां और रबिंद्र कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जनआंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कुमार प्रदीप, गोपालगंज