भोरे थाने पर उपद्रव मचाना पड़ा भारी, 18 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज

जिले के भोरे थाना क्षेत्र में एक अस्पताल में हंगामा करने और बाद में थाना परिसर का घेराव कर पुलिसिया कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है।

गोपालगंज: जिले के भोरे थाना क्षेत्र में एक अस्पताल में हंगामा करने और बाद में थाना परिसर का घेराव कर पुलिसिया कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में भोरे पुलिस पदाधिकारी अजीत कुमार सिन्हा के लिखित आवेदन के आधार पर 18 नामजद सहित 50 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना 13 अक्टूबर 2026 की शाम की है। भोरे थाना में तैनात सहायक अवर निरीक्षक अजीत कुमार सिन्हा को सूचना मिली कि 'सुपनी चाइल्ड केयर हॉस्पिटल' में भारी संख्या में लोग जुटकर हंगामा कर रहे हैं और मारपीट पर उतारू हैं। सूचना के आधार पर गश्ती दल को तत्काल मौके पर भेजा गया। गश्ती दल जब अस्पताल पहुँचा तो देखा कि उग्र भीड़ ने अस्पताल के संस्थापक डॉ. सुजीत कुमार सिंह को घेर रखा था और उनके साथ हाथापाई व दुर्व्यवहार किया जा रहा था। पुलिस टीम ने सूझबूझ से काम लेते हुए भीड़ को शांत कराया और डॉक्टर को सुरक्षित निकालकर पुलिस वाहन से भोरे थाना ले आई।

डॉक्टर को थाना लाने के कुछ ही देर बाद आक्रोशित लोग एकजुट होकर करीब 50 अज्ञात सहयोगियों के साथ अवैध मजमा बनाकर भोरे थाना परिसर में आ धमके। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि डॉ. सुजीत कुमार सिंह की कथित लापरवाही के कारण भगत चफवा निवासी सोनू कुमार भगत के नवजात शिशु की मृत्यु हुई है। थाना परिसर में पहुँचकर उग्र भीड़ ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, थाना परिसर का घेराव किया और पुलिसकर्मियों के सरकारी कामकाज में गंभीर बाधा उत्पन्न की।

थाना परिसर में उपद्रव करने और विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करने को लेकर ASI अजीत कुमार सिन्हा के बयान पर भोरे थानाध्यक्ष रोहिणी उपाध्याय ने  कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मामले में 18 नामजद सहित 50 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, जिनमें भगत चफवा निवासी अक्षयबर भगत क़े पुत्र धनंजय कुमार, सोनूकुमार भगत, राजेन्द्र भगत क़े पुत्र राजेश भगत, श्रीराम भगत, रामसागर भगत क़े पुत्र प्रदीप भगत, रवि कुमार, रामइकबाल भगत क़े पुत्र प्रिंस कुमार, गौरीशंकर गुप्ता क़े पुत्र कमलेश गुप्ता, भगवती गुप्ता क़े पुत्र राजेश गुप्ता, हरिराम भगत क़े पुत्र पन्नालाल कुमार, गणेश जायसवाल क़े पुत्र गुड्डू जायसवाल, सुनील सिंह क़े पुत्र ओम सिंह, राजेश सिंह क़े पुत्र कृष्णा सिंह, विनय शंकर वर्मा क़े पुत्र दिनेश वर्मा, बलिस्टर ठाकुर क़े पुत्र अभि ठाकुर, रमेश भगत क़े पुत्र किरन कुमार, मुन्ना भगत क़े पुत्र तेजप्रताप कुशवाहा उर्फ विकास, अभिषेक कुमार सहित 50 अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में हथुआ एसडीपीओ राजेश कुमार का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट