बिहार में शराबबंदी का अजब गजब खेल, कागजों पर ड्राय स्टेट, सड़कों पर शराब की खेप

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 22, 2026, 1:55:00 PM

गोपालगंज: वर्ष 2016 में जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी का ऐतिहासिक ऐलान किया था, तब एक नशा-मुक्त और सभ्य समाज की परिकल्पना की गई थी। हालांकि, प्रशासनिक सख्ती के बावजूद ज़मीन पर स्थिति इसके उलट नज़र आ रही है। 

तस्कर आए दिन नए-नए हथकंडे अपनाकर कानून को चुनौती दे रहे हैं और 'लाल पानी' का यह अवैध कारोबार सरकार व पुलिस प्रशासन के लिए लगातार सिरदर्द बना हुआ है। इसी कड़ी में, गोपालगंज की कुचायकोट पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बलथरी चेक पोस्ट पर चलाए गए सघन वाहन जांच अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश की सीमा से आ रहे एक संदिग्ध ट्रक को अंतरप्रांतीय सीमा पर दबोच लिया। 

तलाशी लेने पर ट्रक के भीतर गुप्त तरीके से छिपाकर रखी गई 477 लीटर अवैध देसी शराब क़े साथ एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया.गिरफ्तार कारोबारी की पहचान गोपालगंज क़े माझागढ़ थाना क़े सिपाजास गांव निवासी  बलिंदर चौहान क़े पुत्र सूरज कुमार के रूप में हुई है. पुलिस ने शराब तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रक को जब्त कर लिया गया है।

सख्त कानूनी कार्रवाई जारी: 

एसपी ने मामले की पुष्टि करते हुए  बताया कि आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम क़े तहत कार्रवाई की जा रही है और सीमावर्ती क्षेत्रों में सख्ती बढ़ाई गई है। अवैध शराब के नेटवर्क को तोड़ने के लिए यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा।

गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट