अतिक्रमणकारियों के आगे नतमस्तक प्रशासन, बाजार में महाजाम का टापू, सड़क पर सजे ठेले, जनता में भारी आक्रोश

गोपालगंज: प्रखंड के सबसे व्यस्त व्यावसायिक केंद्र बथुआ बाजार में सोमवार दोपहर प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था की पोल खुल गई. तेज धूप और गर्मी के बीच मुख्य सड़क पर करीब दो किलोमीटर लंबा महाजाम लग गया. जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया.

फुलवरिया/गोपालगंज:  प्रखंड के सबसे व्यस्त व्यावसायिक केंद्र बथुआ बाजार में सोमवार दोपहर प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था की पोल खुल गई. तेज धूप और गर्मी के बीच मुख्य सड़क पर करीब दो किलोमीटर लंबा महाजाम लग गया. जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया. जाम की इस विकट स्थिति में कई स्कूली वाहनों के अलावा जिंदगी और मौत से जूझ रहे मरीज को ले जा रही एक एंबुलेंस भी घंटों फंसी रही. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची फुलवरिया पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद एंबुलेंस को सुरक्षित बाहर निकाला. इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों और दावों की पोल खोल दी है।

स्थायी नासूर बना जाम, बेहाल हुए मासूम बच्चे

जाम में फंसे मलमलिया निवासी कमलेश कुमार ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि गोरखपुर एयरपोर्ट जाते समय बथुआ बाजार में प्रवेश करते ही धड़कनें बढ़ जाती हैं. यह जाम अब एक स्थायी नासूर बन चुका है. सबसे दर्दनाक स्थिति छुट्टी के बाद घर लौट रहे स्कूली बच्चों की रही. भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच बच्चे पसीने से तर-बतर होकर वाहनों में बेहाल नजर आए, लेकिन स्थानीय स्तर पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने सुध नहीं ली।

सड़क पर ठेले और अतिक्रमण, नतमस्तक प्रशासन

महाजाम का मुख्य कारण मुख्य मार्ग पर फैला अवैध अतिक्रमण है. फल, सब्जी व अन्य सामानों के ठेले बेतरतीब तरीके से सड़क पर सजाए जाते हैं. जिससे आवागमन सिकुड़ जाता है. लोगों का गंभीर आरोप है कि पुलिस-प्रशासन की सुस्ती तथा कथित मिलीभगत के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं. आंखें मूंदे बैठा प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।

बुलडोजर कार्रवाई की उठी जोरदार मांग

प्रशासनिक उदासीनता से आक्रोशित अभिभावकों, दुकानदारों और राहगीरों ने बथुआ बाजार को तुरंत अतिक्रमण मुक्त करने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की पुरजोर मांग की है. जनता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यात्रियों की फ्लाइट्स और ट्रेनें लगातार छूटती रहेंगी. अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद सो रहा प्रशासन इस चेतावनी के बाद कब जागता है।

फुलवरिया/गोपालगंज से संदीप कुमार की रिपोर्ट