काजीकोरैया-राघोपुर तटबंध की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह सजग: मंत्री

पथ निर्माण मंत्री इं. कुमार शैलेंद्र ने बिहपुर विधानसभा अंतर्गत काजीकोरैया-राघोपुर तटबंध के कटाव प्रभावित हिस्से का राज्य एवं जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों, जल संसाधन विभाग के अभियंताओं एवं अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।

भागलपुर: पथ निर्माण मंत्री इं. कुमार शैलेंद्र ने बिहपुर विधानसभा अंतर्गत काजीकोरैया-राघोपुर तटबंध के कटाव प्रभावित हिस्से का राज्य एवं जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों, जल संसाधन विभाग के अभियंताओं एवं संबंधित अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के उपरांत खरीक प्रखंड कार्यालय में जिलाधिकारी, जल संसाधन विभाग के वरीय पदाधिकारियों, अभियंताओं एवं जिला स्तरीय सभी संबंधित पदाधिकारियों के साथ तटबंध की सुरक्षा एवं कटाव नियंत्रण को लेकर विस्तृत तकनीकी समीक्षा बैठक भी की गई।

बैठक में गंगा नदी की धारा के शिफ्टमेंट, वर्तमान हाइड्रोलॉजिकल एवं हाइड्रोलिक परिस्थितियों, तटबंध पर पड़ रहे हाइड्रोडायनेमिक दबाव, कटाव की प्रवृत्ति, कट-एंड की स्थिरता तथा डाउनस्ट्रीम भू-क्षरण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने संबंधित अभियंताओं को निर्देश दिया कि कटाव प्रभावित प्रत्येक संवेदनशील स्थल का ग्राउंड-लेवल असेसमेंट करते हुए आवश्यकता के अनुरूप कट-एंड-होल्ड, टो-प्रोटेक्शन, रिवर ट्रेनिंग एवं अन्य बाढ़ संघर्षात्मक उपायों को पूरी तत्परता से सुदृढ़ किया जाए। साथ ही जलप्रवाह की दिशा एवं तटबंध पर पड़ने वाले दबाव का निरंतर आकलन करते हुए विभागीय एवं जिला प्रशासन के बीच प्रभावी इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित किया जाए।

मंत्री ने कहा कि गंगा नदी की बदलती धारा के कारण उत्पन्न इस चुनौती से निपटने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व दिया जा रहा है। रेलवे के विशेषज्ञों को भी स्थल पर बुलाया जा रहा है, क्योंकि तटबंध के समानांतर स्थित परित्यक्त रेलवे भूमि/लाइन के सुदृढ़ीकरण से जलप्रवाह एवं क्षेत्र की सुरक्षा के लिए उपयोगी समाधान तलाशने में सहायता मिल सकती है। इसी क्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी को पत्र लिखकर उक्त परित्यक्त रेलवे भूमि/लाइन के सुदृढ़ीकरण अथवा बिहार सरकार को हस्तांतरण का अनुरोध किया गया है, ताकि आवश्यकता के अनुरूप इसका उपयोग तटबंध एवं आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा के लिए किया जा सके।

जल संसाधन विभाग के अभियंता एवं विशेषज्ञ मौके पर लगातार सक्रिय हैं तथा आवश्यक बाढ़ संघर्षात्मक एवं सुरक्षात्मक कार्य जारी हैं। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त विशेषज्ञों की तकनीकी राय लेकर तटबंध की तात्कालिक सुरक्षा के साथ दीर्घकालिक समाधान की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री इं. कुमार शैलेंद्र ने स्पष्ट कहा कि बिहपुर की जनता और काजीकोरैया–राघोपुर तटबंध की सुरक्षा के लिए जितने प्रयास की आवश्यकता होगी, सरकार उतने प्रयास करेगी। तटबंध की सुरक्षा के लिए आखिरी क्षण तक पूरी तत्परता से प्रयास जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियों और गंगा के प्रवाह पर किसी का नियंत्रण नहीं है, लेकिन बचाव एवं सुरक्षा कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। क्षेत्रवासियों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार हर स्तर पर आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक कदम उठा रही है।