बाघ निकालने की सूचना मिली, निकली फिशिंग कैट, किया गया रेस्क्यू

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jul 22, 2026, 7:49:00 AM

राज्य के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा में तब उस वक्त अचानक हड़कंप मच गया, जब लोगों के बीच यह खबर फैली कि इलाके में बाघ निकल आया है। घटना गोरखपुर नरकटियागंज रेलखंड के तिरहुत नहर पुल संख्या 349 के बोरवेल पिपरा गांव के समीप की है। जहां रिहायशी इलाके में बाघ निकालने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम पहुंची और ट्रैकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान यह खबर सामने आई की रेल ट्रैक पर कोई जंगली जानवर की तरह नजर आ रहा है। जिसके बाद देखते ही देखते हैं मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

सूचना सामने आने के बाद पर्यावरण प्रेमी गजेंद्र यादव भी पहुंचे और वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद सीएफ डॉक्टर गौरव ओझा के निर्देश पर पहुंचे बगहा रेंजर एस मालाकार के नेतृत्व में जानवर के रेस्क्यू का ऑपरेशन किया गया। जिसमें यह सामने आया किया एक फिशिंग कैट है। हालांकि रेस्क्यू के दौरान दो बनाकर में आंशिक रूप से जख्मी भी हो गए। फिशिंग कैट को आम बोलचाल की भाषा में वन बिलार भी कहा जाता है। हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद इस फिशिंग कैट को सुरक्षित वीटीआर के जंगलों में छोड़ दिया गया। दरअसल वीटीआर से सटे बगहा खर पोखरा रेल खंड के बीच एक बाघ का शावक देखने की सूचना पर हडकंप  मच गया था। सूचना पाकर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल फिशिंग कैट को कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया गया। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने दूर से देखने पर इस फिशिंग कैट को तेंदुए का बच्चा समझ लिया था। इसके बाद उसका वीडियो भी बना दिया था। जो देखते ही देखते वायरल हो गया था। 

इधर सूचना मिलने के बाद जब वीटीआर के बगहा वन क्षेत्र से वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और जांच की गई तो इसकी पहचान एक वयस्क फिशिंग कैट के रूप में की गई। उधर बगहा रेंजर एस मालाकार ने बताया कि फिशिंग कैट घायल अवस्था में मिली थी। आशंका है कि किसी ट्रेन की हल्की चपेट में आने के कारण उसकी कमर में चोट लगी हो। जिसके कारण उसे चलने फिरने में थोड़ी परेशानी हो रही थी। लिहाजा वन विभाग की टीम द्वारा उसका उपचार करा कर स्वस्थ होने के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया है। 

बता दें कि इन दोनों बिहार के इकलौते बाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व में बरसात के कारण जल भराव हो रहा है। जिसके कारण रामनगर के अलावा पिपरासी और बगहा के इलाकों में बाघ, भालू और फिशिंग कैट देखने को मिल रहे हैं। बहरहाल वन विभाग की तरफ से अपील की गई है कि कहीं भी कोई जीव जंतु यह सांप दिखाई दे तो इस संबंध में तुरंत संबंधित वन क्षेत्र को सूचना दे दी जाए। वन विभाग ने यह भी अपील की है कि किसान या ग्रामीण जब भी खेत की तरफ जाएं तो झुंड में लाठी डंडे के साथ जाए।

बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट