नेपाल में भीषण जलप्रलय की यादें ताजा, 12 दिन बाद भी वाल्मीकि गंडक बराज से तीन लाश बरामद

नेपाल के रसुआ में हुए भीषण जलप्रलय के 12वें दिन भी हादसे के निशान लगातार सामने आ रहे हैं। लिहाजा इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बराज समेत त्रिवेणी संगम तट से तीन शव बरामद किए गए हैं।

नेपाल के रसुआ में हुए भीषण जलप्रलय के 12वें दिन भी हादसे के निशान लगातार सामने आ रहे हैं। लिहाजा इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बराज समेत त्रिवेणी संगम तट से तीन शव बरामद किए गए हैं। दो शव त्रिवेणी संगम तट से मिले हैं जबकि एक शव गंडक बराज के फाटक नंबर 4 और 5 के बीच फंसा हुआ था जिसे बाहर निकाला गया है। 

दरअसल सैलाब के सितम को लेकर गंडक बराज़ के फाटक उठा दिए गए थे।  जिसे गिराने के बाद सोमवार को नेपाल APF और पुलिस जवानों ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर इन शवों को बाहर निकाला। जिस तरह बीते 26 अगस्त को नेपाल के रसुआ में लैंडस्लाइड के बाद आए सैलाब ने भारी तबाही मचाई थी। यही वज़ह है कि त्रिशूली नदी में आया उफान नारायणी-गंडक नदी के रास्ते भारत तक पहुंचा। हालांकि यहां जान माल का भारी नुकसान नहीं हुआ लेकिन निचले इलाकों में जाकर गंडक का पानी अभी भी तबाही मचा रहा है। 

अब हादसे के 12वें दिन भी इस जलप्रलय की निशानियां लगातार सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित त्रिवेणी संगम तट के पास दो शव मिलने से सनसनी फैल गई जबकि एक शव बराज़ के फाटक में फंसा हुआ पाया गया। लिहाजा सूचना मिलते ही नेपाल APF और पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे फ़िर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शवों को नदी से बाहर निकाला गया। 

वहीं वाल्मीकिनगर गंडक बराज के फाटक नंबर 4 और 5 के पास भी एक शव बरामद हुआ। क्योंकि बराज के 36 फाटक डाउन किए जाने के बाद एक शव फाटक में फंसा हुआ दिखा। जिसे रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला है। इधर बरामद तीनों शवों की पहचान की कोशिश की जा रही है औऱ नेपाली पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम समेत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दिया है। 

इससे पहले भी बगहा में विगत दिनों मिले शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें संबंधित प्रक्रिया के तहत हस्तांतरित किया गया था। बता दें कि  26 अगस्त की लैंडस्लाइड के बाद नेपाल में आई तबाही का असर अब भी गंडक नदी में दिखाई दे रहा है। यही वज़ह है कि लगातार मिल रहे शव इस भीषण जलप्रलय की भयावहता की गवाही दे रहे हैं। फिलहाल नेपाली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां शवों की पहचान और हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच में जुटी हैं। जबकि पड़ोसी देश होने के नाते भारत से हर संभव मदद किया जा रहा है।  सरकार से लेकर हर भारतीय अपनी संवेदना जाहिर क़र रहे हैं।

बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट