बेतिया : बगहा में इंसानों के साथ-साथ बेजुबान वन्य जीवों पर भी कुदरत का कहर टूट पड़ा है। आलम यह है कि सैलाब के सितम से वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगली जानवर भी आफत में हैं। दरअसल, नेपाल के देवघाट से रिकॉर्ड तोड़ पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी के जलस्तर में पिछले दिनों हुईं बेतहाशा वृद्धि के कारण वीटीआर जंगल में जलभराव के बाद कई वन्य जीव बाढ़ के पानी में फंस रहे हैं। कई रिहायशी इलाकों की ओर रूख अख्तियार कर रहें हैं। इसी बीच वन विभाग की टीम ने दो हिरणों का सफल रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई है।
मोतीपुर नवका टोला इलाके से 2 हिरणों के बाढ़ के पानी में फंसने की सूचना मिली
बताया जा रहा है की बगहा-1 प्रखंड के जमुनिया और ठकराहा के मोतीपुर नवका टोला इलाके से दो हिरणों के बाढ़ के पानी में फंसने की सूचना मिली। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वन विभाग को दी जिसके बाद फौरन वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। लिहाजा बाढ़ के तेज बहाव के बीच दोनों हिरण पानी में बह रहे थे। फिर क्या वनकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और दोनों हिरणों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
वन विभाग ने दोनों हिरणों को सुरक्षित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ दिया है
आपको बता दें कि बगहा रेंजर श्रीमान मालाकार के नेतृत्व में रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने दोनों हिरणों को सुरक्षित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ दिया है। इधर, बाढ़ और जलभराव के बीच वन्य जीवों के लिए भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे में ग्रामीणों की सूचना और वनकर्मियों की तत्परता से दो हिरणों की जान बच सकी। अब वन विभाग की ओर से भी लोगों से अपील की जा रही है कि बाढ़ में फंसे वन्य जीवों की सूचना तुरंत वन विभाग को दें और खुद रेस्क्यू करने की कोशिश कतई न करें।
बेतिया से परवेज आलम की रिपोर्ट